सिंगुर में नैनो परियोजना की जमीन वापसी को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए नए पैकेज की घोषणा की है।
राज्य सरकार के इस कदम का टाटा मोटर्स ने स्वागत किया है। कंपनी की ओर से कहा गया कि सिंगुर के किसान इससे खुश होंगे और जमीन विवाद का हल निकलने की उम्मीद है। टाटा मोटर्स की ओर से यह भी कहा गया कि अगर विवाद खत्म हो जाता है, तो नैनो संयंत्र में फिर से काम शुरू किया जा सकता है। कंपनी ने कहा कि इससे उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
दरअसल, राज्य सरकार की ओर से किसानों को जहां 70 एकड़ जमीन वापस करने की बात कही गई, वहीं जमीन अधिग्रहण के एवज में दिया जाने वाली मुआवजा रकम को बढ़ाकर दोगुना करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही प्रभावित किसानों को कई अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
सरकार इसके तहत प्रत्येक प्रभावित किसान परिवारों के एक व्यक्ति को रोजगार मुहैया कराएगी। इसके साथ ही सिंगुर के किसानों में कुशलता के विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएगी। सिंगुर विवाद के चलते जिन किसानों का काम प्रभावित हुआ है, उन्हें नरेगा (राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना) के तहत 300 दिनों की मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
टाटा मोटर्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कंपनी सरकार के इस कदम की सराहना करती है। कंपनी ने कहा कि परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और समग्र सामुदायिक विकास में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि सिंगुर विवाद के चलते टाटा मोटर्स के चेयरमैन रतन टाटा ने यहां से नैनो संयंत्र हटाने की बात कही थी। उसके बाद से संयंत्र में काम बंद है और उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से उन्हें संयंत्र स्थापित करने के आमंत्रण मिल रहे हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल सरकार ने नैनो को राज्य से बाहर नहीं जाने देने के लिए यह कदम उठाया है।
हालांकि सिंगुर में आंदोलन कर रही तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी 300 एकड़ जमीन वापसी की मांग पर अड़ी हुई हैं और 16 सितंबर को सिंगुर में मार्च करने का ऐलान किया है, साथ ही मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में 19 सितंबर से संयंत्र का घेराव फिर से करने की योजना बना रही है।
नए मुआवजा पैकेज का टाटा मोटर्स ने किया स्वागत
सिंगुर विवाद हल होने की संभावना
किसानों को जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मिलेगा दोगुना
प्रभावित किसानों को दी जाएंगी कई और तरह की भी सुविधाएं