तेल-गैस

रूसी तेल की रिकॉर्ड खरीद: मार्च में सरकारी कंपनियों ने 148% बढ़ाया आयात, रिफाइनरियों ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड

अमेरिकी छूट के बीच मार्च में भारतीय सरकारी रिफाइनरियों ने रूसी तेल का आयात 148% बढ़ा दिया, जिससे भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी दोगुनी हो गई

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शुभांगी माथुर   
Last Updated- April 14, 2026 | 9:35 PM IST

रूस से तेल की खरीद पर अमेरिका द्वारा 30 दिन की छूट दिए जाने के बीच भारत की सरकारी तेल रिफाइनरियों ने फरवरी की तुलना में मार्च में रूसी कच्चे तेल का आयात 148 प्रतिशत बढ़ा दिया। कच्चे तेल के आयात में 4 प्रतिशत की कमी के बावजूद निजी रिफाइनरियों की खरीद सहित रूस से भारत का समग्र तेल आयात पिछले महीने की तुलना में मार्च में दोगुना हो गया है।

यूरोप की थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी ऐंड क्लीन एयर (सीआरईए) ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘सबसे बड़ा बदलाव सरकारी रिफाइनरियों के रूस से आयात में हुआ है। इनके आयात में 148 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई, जो संभवतः हाजिर बाजार में रूसी तेल अधिक उपलब्ध होने के कारण हुआ है। यह भारत के आयात का प्रमुख स्रोत है।’

पिछले साल की समान अवधि की तुलना में सरकारी रिफाइनरों का रूसी कच्चे तेल का आयात मार्च में 72 प्रतिशत अधिक रहा है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत के बाद अमेरिका की ओर से छूट मिलने पर भारतीय रिफाइनरों ने रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी। यह छूट 11 अप्रैल को समाप्त हो गई है। युद्ध से पहले अमेरिका और यूरोपीय संघ के दबाव के बीच भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद घटा दी थी।  सरकारी रिफाइनरियों में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन शामिल हैं, जबकि निजी कंपनियों में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) और रूस समर्थित नायरा एनर्जी शामिल हैं।

First Published : April 14, 2026 | 9:28 PM IST