facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

ओला, उबर ने ऑटो का किराया घटाया

Last Updated- December 11, 2022 | 1:58 PM IST

कर्नाटक सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद ऐप आधारित कैब बुकिंग कंपनी ओला और उबर ने अपनी ऑटो रिक्शा सेवा का किराया कम कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक सरकार ने कैब बुकिंग कंपनी की ऑटो रिक्शा की सेवाओं को अवैध घोषित कर इनपर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो से अगले तीन दिनों के भीतर बेंगलूरु से इन सेवाओं को खत्म करने के लिए कहा है। राज्य परिवहन विभाग ने कंपनियों को नोटिस जारी किया है। 
कई यात्रियों ने परिवहन विभाग से शिकायत की थी कि ओला और उबर न्यूनतम किराया के नाम पर 100 रुपये वसूलता है अगर दूरी दो किलोमीटर से कम रहती है। बेंगलूरु में न्यूनतम ऑटो किराया शुरुआती 2 किलोमीटर के लिए 15 रुपये तय किए गए हैं इसके बाद प्रति किलोमीटर 15 रुपये लगता है। 
उद्योग के एक सूत्र ने बताया, ‘पिछले महीने ओला और उबर ने शुरुआती 2 किलोमीटर के लिए न्यूनतम ऑटो किराया को 30 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये कर दिया था, जो सरकारी नियमों की अनदेखी है और इसलिए सरकार ने कार्रवाई की है और उन्हें नोटिस भेजा है।’
हालांकि, सूत्रों के अनुसार, ओला और उबर से ऑटो किराया फिर से कम कर शुरुआती दो किलोमीटर के लिए 30 रुपये कर दिया है। सूत्र ने कहा, ‘किराये में बढ़ोतरी सिर्फ मूल किराये में की गई है जो सीधे चालक के पास जाती है। अब जब ओला-उबर ने कीमतें संशोधित कर सरकारी नियमों के तहत कर दिया है तो इससे चालकों की कमाई कम हो जाएगी।’
औद्योगिक सूत्रों ने बताया कि बेंगलूरु में ऑनलाइन बुक की गई किसी भी यात्रा पर ऑटो के किराए में विभिन्न घटक शामिल होते हैं। इसमें मूल किराया और प्रति किलोमीटर किराया के साथ बुकिंग और सुविधा शुल्क एग्रीगेटर द्वारा लिया जाता है। यह एक साथ वर्तमान कानून के अनुपालन के रूप में योग्य है।
हालांकि न्यूनतम किराया 30 रुपये से बदलकर 60 रुपये करने पर मुद्दा हावी हो गया। एक कारण था कि ऑटो रिक्शा चालकों को परेशानी तब हुई तब ईंधन की कीमतें बढ़ गईं और ड्राइविंग भी महंगी हो गई। इसके अलावा, सड़क पर आने वाले ऑटो-रिक्शा के विपरीत, एग्रीगेटर्स के साथ बुकिंग में ‘पिक-अप’ शामिल होता है। उद्योग के एक सूत्र ने कहा, ‘जैसे ईंधन की कीमतें बदलीं, पिकअप की लागत बढ़ गई और चालकों के लिए पिकअप अव्यावहारिक हो गया।’

First Published - October 7, 2022 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट