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नियमों का पालन करेंगी ओला, उबर

Last Updated- December 11, 2022 | 1:56 PM IST

ऐप आधारित वाहन सेवा प्रदाता कंपनी ओला और उबर ने कर्नाटक सरकार के आदेश का जवाब देते हुए नियमों का अनुपालन करने को कहा है। कर्नाटक सरकार ने इन सेवा प्रदाताओं द्वारा मनचाहा किराया लेने के कारण ऑटो-रिक्शा सेवा को गैर-कानूनी करार दिया था। सरकार के इस कदम के बाद ओला और उबर ने नियमों का पालन करते हुए अपने पहले के किराया निर्धारण के अनुसार पहले 2 किमी तक 30 रुपया ही किराया लेने का निर्णय लिया है। 
ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवा प्रदाता कंपनियों को तीन दिन के अंदर बेंगलूरु में अपनी सेवाओं को बंद करने का आदेश दिया गया था। राज्य परिवहन विभाग ने इस मामले में गुरुवार को नोटिस जारी की थी। कई यात्रियों द्वारा ने राज्य परिवहन विभाग से ओला और उबर द्वारा मनमाना किराया वसूलने का आरोप लगाया गया था।
​शिकायत में कहा गया था कि ये कंपनियां 2 किमी से कम की यात्रा करने पर भी कम से कम 100 रुपये का किराया ले रही हैं। जबकि बेंगलूरु में पहले 2 किमी के लिए न्यूनतम किराया 30 रुपया निर्धारित है, और इसके बाद प्रत्येक एक किमी पर 15 रुपये बढ़ता जाता है। 
एक सूत्र ने बताया कि ओला, उबर ने सरकार को नोटिस का जवाब भेज दिया है और इनका परिचालन नहीं रोका गया है। सभी एग्रीगेटर सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य ही लेंगे। इसका मतलब यह है कि 1 किमी का किराया 70 रुपये होगा, जिसमें 30 रुपये का मूल किराया और 40 रुपये का सुविधा किराया शामिल होगा। यही नियम लंबी यात्राओं के लिए भी लागू होगा। 
नोटिस में कहा गया कि ऑटो-रिक्शा पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लिया गया है, और इन वाहन एग्रीगेटर को सरकार द्वारा निर्धारित किराए के अलावा अधिक किराया न लेले का आदेश दिया गया है। ओला और ऊबर ने इस मुद्दे पर पूछने पर कोई उत्तर नहीं दिया। 
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 1.3 लाख ऑटो रिक्शा में से 51,900 ऑटो रिक्शा ड्राइवरों यानी 40 फीसदी ड्राइवरों ने फरवरी से अब तक अपने ऑटो के मीटर में सुधार करवाकर उसकी पुरानी स्थिति में कराया है। कई यात्रियों ने यह भी सिकायत दर्ज कराई है कि कई ऑटो-रिक्शा ड्राइवर इसके कारण मीटर चलाकर जाने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे हैं। सरकार के मानक के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इनका किराया डेढ़ गुना किया जा सकता है।

First Published - October 9, 2022 | 11:15 PM IST

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