ओला इलेक्ट्रिक ने सरकार द्वारा पेश बैटरी पर केंद्रित नए सुरक्षा मानकों के क्रियान्वयन की वजह से अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर मॉडलों की कीमतें बढ़ाने से इनकार किया है। इन नए सुरक्षा मानकों पर क्रियान्वयन की समय-सीमा 1 अक्टूबर थी, जिसे कुछ ही दिन पहले 3 से 6 महीने तक बढ़ाया गया है।
इस मामले में इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माताओं के विचार अलग अलग हैं। जहां कुछ ईवी और
लीथियम आयन बैटरी निर्माताओं का कहना है कि नए मानकों से लागत में 10 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।
ओला के सीएफओ अरुण कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘हमारे लिए, लागत में
मुश्किल से ही किसी तरह का इजाफा होगा। यदि ऐसा होता भी है तो हम उपयोगी इंजीनियरिंग का इस्तेमाल कर इस लागत वृद्धि से निपटने की कोशिश करेंगे।’
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त खर्च की वजह से मॉडलों की कीमत वृद्धि के सवाल पर कुमार ने कहा, ‘हमारे द्वारा इस तरह की संभावना नहीं है, लेकिन यह हरेक कंपनी के लिए अलग अलग होगा। हम उच्च गुणवत्ता के उत्पाद बेचते हैं, इसलिए उपयोगी और महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग पर जोर देना स्वाभाविक है।’
कुमार का कहना है, ‘लागत वृद्धि को उस नजरिये से देखना होगा कि कुल लागत में निवेश चक्र कैसा है। हम अच्छी गुणवत्ता की बैटरियां खरीदते हैं, हम आधुनिक सॉफ्टवेयर पर काम करते हैं और अपने स्वयं के कोड्स लिखते हैं जिससे कि हम टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ सकें। लेकिन सस्ती चीनी कंपनी पर टिप्पणी नहीं कर सकता, उसकी लागत बढ़ेगी। यदि आपने टेक्नोलॉजी में निवेश नहीं किया है और सिर्फ चीन से आयातित कलपुर्जों के जरिये एसेंबली कार्य कर रहे हैं तो लागत बढ़ जाएगी।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या कंपनियों को नए सुरक्षा मानकों के बगैर मौजूद मॉडलों को बेचने में समस्या का सामना करना पड़ेगा, तो कुमार ने कहा, ‘मुख्य तौर पर जिन पुराने वाहनों को बीएस-4 से बीएस-6 में तब्दील किया जाना है, वे ईवी से जुड़े नहीं हैं। ईवी में कोई भी बैटरियों का ज्यादा स्टॉक नहीं रखता है और 180 दिन बाद बैटरी प्रदर्शन कमजोर पड़ने के बाद आप इन्हें बनाए नहीं रख सकते।’