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रिलायंस नेवल का कर्ज बेचने की चल रही बातचीत

Last Updated- December 11, 2022 | 5:28 PM IST

रिलायंस नेवल ऐंड इंजीनियरिंग के लिए हेजल मर्केंटाइल की बोली के साथ लेनदार अपने ऋण की बिक्री इस परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी (एआरसी) को करने की योजना बना रहे हैं। पहले अनिल अंबानी समूह के स्वामित्व वाली कंपनी फिलहाल ऋण समाधान के लिए नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में है।
कंपनी को जनवरी 2020 में 13,000 करोड़ रुपये के ऋण की अदायगी में चूक के बाद ऋण समाधान के लिए एनसीएलटी भेजा गया था। ऋणदाताओं ने ऋण के लिए मांग का आकलन करने के लिए एआरसी के साथ बातचीत शुरू कर दी है और चालू तिमाही में इस पर निर्णय होने की उम्मीद है।
इस मामले के एक करीबी सूत्र ने कहा, ‘हेजल मर्केंटाइल की बोली एनसीएलटी में लंबित है और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में मुकदमेबाजी कब खत्म होगा। आईबीसी में कुछ मामले पांच साल से अधिक समय से चल रहे हैं। इसलिए लेनदार अपने ऋण की बिक्री के जरिये कंपनी से बाहर निकलने के विकल्प पर गौर कर रहे हैं।’
पिछले साल नवंबर में बैंकों ने नव निर्मित नैशनल ऐसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी को 8,934 करोड़ रुपये के अपने ऋण बेचने के लिए बातचीत शुरू की थी लेकिन सौदा नहीं हो सका।
मार्च में नवीन जिंदल की कंपनी जेएसपीएल ने यह कहते हुए एनसीएलटी का रुख किया था कि हेजल मर्केंटाइल और स्वान एनर्जी के कंसोर्टियम द्वारा जीतने वाली बोली आईबीसी के बोली मानदंडों को पूरा नहीं करती है। जेएसपील भी कंपनी के बोलीदाताओं में शामिल थी। हेजल ने बैंकों को 2,300 करोड़ रुपये की पेशकश करते हुए बोली जीती थी। मामला फिलहाल लंबित है।

First Published - July 19, 2022 | 1:15 AM IST

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