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बंगाल की जनता की चाहत, नैनो बने यहीं पर

Last Updated- December 07, 2022 | 7:46 PM IST

पश्चिम बंगाल के तकरीबन 85 फीसदी लोग चाहते हैं कि टाटा की लखटकिया कार नैनो सिंगुर संयंत्र में ही तैयार की जाए। इस तथ्य का खुलासा औद्योगिक निकाय एसोचैम की ओर से कराए गए एक ताजा सर्वेक्षण से हुआ है।


इस सर्वेक्षण में विभिन्न वर्गों के 2000 लोगों को शामिल किया गया जिनमें से 1700 प्रतिभागियों ने सिंगुर से इस सस्ती कार को पेश किए जाने के पक्ष में अपना मत दिया। राज्य के 12 जिलों को इस सर्वेक्षण के दायरे में लाया गया। सर्वेक्षण में शामिल तकरीबन 70 फीसदी लोगों ने यह महसूस किया कि इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप ही ये सब समस्याएं पैदा हुई हैं।

लगभग 50 फीसदी प्रतिभागियों का मानना था कि इस मुद्दे का प्रबंधन गलत तरीके से किया गया जिसके लिए स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक दलों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है जो पश्चिम बंगाल से नैनो को पेश किए जाने का विरोध कर रहे हैं।

सिंगुर संयंत्र के पक्ष में मत देने वाले लोगों ने टाटा समूह को यह सुझाव दिया है कि समूह को पश्चिम बंगाल में बने रहने के लिए विचार करना चाहिए। राज्य से उसके चले जाने से गलत संदेश जा सकता है। सर्वेक्षण में शामिल तकरीबन 1580 प्रतिभागियों ने राय जाहिर की कि इस निर्माण से राज्य में बेरोजगारी को धीरे-धीरे समाप्त करने में मदद मिलेगी।

पश्चिम बंगाल को सूचना प्रौद्योगिकी इकाइयों को बढ़ावा दिए जाने के बजाय निर्माण इकाइयों पर ध्यान देना चाहिए। सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें शामिल 80 फीसदी लोगों का कहना है कि राज्य में नैनो संयंत्र जैसी कुछ और इकाइयों को स्थापित किए जाने की जरूरत है जो यहां सहायक इकाइयां स्थापित करें ताकि गैर-कुशल कामगारों के एक बड़े वर्ग के लिए रोजगार के विकल्प पैदा हो सकें।

First Published - September 4, 2008 | 12:21 AM IST

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