अंबानी बंधुओं के बीच गैस विवाद में अचानक एक नया मोड़ आया जब छोटे भाई अनिल अंबानी ने अपने रुख में कुछ नरमी दिखाते हुए कहा कि वह बड़े भाई मुकेश अंबानी के पास इस विवाद का कोई हल निकालने के लिए जाएंगे।
लंबे समय से मुकेश की रिलायंस इंडस्ट्रीज के कृष्णा गोदावरी बेसिन से अनिल की दादरी परियोजना को गैस की आपूर्ति को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद पर जे एन पटेल और के के तातेड़ की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर रही है।
गुरुवार को बंबई उच्च न्यायालय की इस पीठ ने सुझाव दिया था कि इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों भाई अपनी मां कोकिलाबेन अंबानी की मदद लें और उनकी मदद से इस विवाद को सुलझाया जाए। तभी अनिल के वकील राम जेठमलानी ने उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान कहा कि गैस आपूर्ति विवाद को सुलझाने के लिए अनिल मुकेश से मिलने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि अनिल कहीं भी और किसी भी समय मुकेश से मिलने को तैयार हैं। जेठमलानी ने अदालत को यह भी बताया कि अनिल चाहते हैं कि उनकी मां भी इस मामले में हस्तक्षेप करें। इसके पहले भी पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद जब दोनों भाइयों में संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था तो भी 2005 में मां ने ही दोनों के बीच संपत्ति का बंटवारा किया था।
दरअसल वर्ष 2005 में पारिवारिक समझौते के तहत यह कहा गया था कि अनिल के समूह को रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा और भविष्य में पाए जाने वाले गैस भंडारों से गैस की आपूर्ति की जाएगी। पर अब इन दोनों भाइयों के बीच उस दर पर विवाद है जिस पर अनिल को गैस की आपूर्ति की जानी है। हालांकि दोनों भाइयों के बीच विवाद का यह कोई पहला मामला नहीं है।
वर्ष 2005 में दोनों भाइयों के बीच संपत्ति के विवाद के बाद से ही लगातार विवाद चलता ही रहा है। कभी गैस विवाद, तो कभी पावर प्लांट, तो कभी हवाईअड्डों को लेकर दोनों भाइयों के बीच तकरार रही है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका की दूरसंचार कंपनी एमटीएन को लेकर भी दोनों भाई अदालत तक पहुंचे थे और आखिरकार जब इस विवाद का कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया तो खुद इस विदेशी कंपनी ने अनिल की रिलायंस कम्युनिकेशंस से वार्ता को खत्म कर दिया था। हां पर यह पहली बार देखने को मिला है कि दोनों भाइयों में से किसी ने विवाद को सुलटाने के लिए नरम रुख दिखाया हो।
रिलायंस कम्युनिकेशंस व रिलायंस कैपिटल के अध्यक्ष और रिलायंस एनर्जी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनिल अंबानी बॉलीवुड के बादशाह अमिताभ बच्चन और समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह के काफी करीबी माने जाते हैं। यही वजह है कि जब समाजवादी पार्टी ने यूपीए सरकार का समर्थन किया तो ऐसा माना जा रहा था कि अनिल अंबानी के लिए कारोबारी मुश्किलें कम होंगी।
ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि दोनों भाइयों के बीच विवाद को खत्म करने के लिए सरकार की ओर से कुछ हस्तक्षेप हो सकता है, पर ऐसा अब तक तो देखने को नहीं मिला है। उलटा इस मामले में हैरानी इस बात की है कि खुद अनिल ने बड़े भाई मुकेश से मिलने के लिए कदम बढ़ाया है।