वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फिनटेक फर्म फोनपे ने कहा कि उसके राजस्व में 1,646 करोड़ रुपये के साथ 138 प्रतिशत वृद्धि नजर आई है, जबकि वित्त वर्ष 21-22 में इसका घाटा (ईसोप की लागत के बिना) कम होकर 671 करोड़ रुपये (पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत कम) हो गया है।
राजस्व में यह वृद्धि मुख्य रूप से मजबूत विकास से प्रेरित रही, जो फोनपे के सभी कारोबारों में नजर आया है। लागत के बेहतर प्रबंधन, प्रक्रिया स्वचालन और अनुकूल उत्पाद संयोजन के कारण फोनपे का योगदान मार्जिन पिछले वर्ष के 84 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 88 प्रतिशत हो गया। दूसरी ओर लागत पक्ष के लिहाज से विपणन निवेश बढ़कर 866 करोड़ रुपये हो गया।