हवाई ईंधन (एटीएफ) की ऊंची उड़ान के बावजूद मुनाफा कमाकर सबको हैरत में डालने वाली विमानन कंपनी जेट एयरवेज एक बार फिर चर्चा में है।
लेकिन नरेश गोयल प्रवर्तित इस कंपनी की सहायक कंपनी जेट लाइट ने असल में सुर्खियां चुराई हैं। दरअसल जेट एयरवेज ने कम किराये में सैर कराने वाली जेट लाइट के एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला कर लिया है।
मुनाफा बरकरार रखने की कंपनी की कवायद के तहत एक साल से कम वक्त जेट लाइट में गुजारने वाले कर्मचारियों को नमस्ते कहा जा रहा है। कंपनी ने जेटलाइट से हो रहे घाटे को कम करने के लिए ही यह कदम उठाया है।
जेट एयरवेज की बात भी बिल्कुल वाजिब है। बढ़ती महंगाई के बावजूद जेट एयरवेज ने तो मुनाफा कमाया, लेकिन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जेटलाइट को लगभग 134.8 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। लेकिन अब जेट एयरवेज का इरादा इस घाटे को और सहने का नहीं है। इसीलिए कंपनी ने इतने बड़े स्तर पर छंटनी करने जैसे कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
कंपनी ने परिचालन में हो रहे नुकसान को कम करने के लिए कम कमाई वाले रूटों की उड़ानों को भी रद्द कर दिया है। जेट एयरवेज के मुख्य कार्यकारी वोल्फ गैंग प्रॉक शावेर पहले ही इस बात की तस्दीक कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘कर्मचारियों की संख्या में कटौती के साथ ही जेटलाइट के कुछ कार्यों को जेट एयरवेज के साथ मिलकर किया जाएगा।
कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक इस काम को 26 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।’ दरअसल एटीएफ के महंगा होने से सस्ते टिकट पर घुमाने वाली कमोबेश सभी विमानन कंपनियों की हालत खस्ता हो गई है। एयर सहारा से जेट लाइट बनी कंपनी में फिलहाल तकरीबन 2300 कर्मचारी हैं। जेट लाइट में यह दूसरी छंटनी होगी।
जब गोयल ने एयर सहारा को खरीदा था, तब उसमें 4500 कर्मचारी थे। लेकिन जेट एयरवेज ने उनमें से आधे की छुट्टी कर दी थी। लेकिन अधिग्रहण के एक साल के भीतर ही कंपनी को लगभग 440 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। हालांकि जून 2008 में समाप्त पहली तिमाही के लिए कंपनी का बहीखाता सही ही था।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कर अदायगी के बाद जेट एयरवेज का मुनाफा 5 गुना बढ़कर 143.38 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 30.88 करोड़ रुपये था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जेट एयरवेज की कुल राजस्व 46.2 फीसदी बढ़कर 2,899.2 करोड़ रुपये हो गया।
जबकि पिछले वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को 1,983.2 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। पिछले वित्त वर्ष मंम जहां जेट एयरवेज का शुद्ध मुनाफा 30.88 करोड़ रुपये था वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 143.8 करोड़ रुपये हो गया है।