रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड ऐंड पुअर (एसऐंडपी) ने कहा है कि भारत में स्वर्ण ऋण व्यवसाय में कड़ी प्रतिस्पर्धा से स्वर्ण वित्त कंपनियों का मार्जिन प्रभावित हो सकता है। हालांकि इस सेगमेंट की बाजार दिग्गज कंपनियों – मणप्पुरम और मुथूट को फिलहाल किसी तरह की पुनर्वित्त चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
कुछ खास सुरक्षित परिसंपत्ति वर्गों में कड़ी प्रतिस्पर्धा से वित्तीय कंपनियों की आय पर दबाव पड़ने की संभावना है। उदाहरण के लिए, ज्यादा संख्या में प्रतिस्पर्धियों के शामिल होने से भारत में स्वर्ण गिरवी संबंधित उधारी से मजबूत जोखिम-समायोजित मार्जिन पैदा हुआ है।
कुछ वित्तीय कंपनियां अल्पावधि उधारी पर निर्भर रहती हैं, जिससे उनके लिए पुनर्वित्त जोखिम और बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ती है। रेटिंग वाली वित्तीय कंपनियों में मुथूट फाइनैंस और मणप्पुरम फाइनैंस की फंडिंग को पुनर्वित्त जोखिम की वजह से कमजोर समझा गया है। दोनों कंपनियों की करीब एक-तिहाई देनदारियां अल्पावधि की हैं।
एजेंसी ने कहा है कि जहां एशिया प्रशांत क्षेत्र में रिस्क प्रीमियम बढ़ रहा है, वहीं खासकर भारत, जापान और ताइवान में मजबूत प्रोफाइल और मार्गदर्शन वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां सिर्फ संतुलित वृद्धि दर्ज करेंगी।