आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) एस्सार समूह की बुनियादी ढांचे की परिसंपत्तियों के प्रस्तावित अधिग्रहण से होने वाले तालमेल से हर साल 25 से 30 करोड़ डॉलर के लाभ की उम्मीद कर रही है।
26 अगस्त को एएम/एनएस इंडिया और एस्सार समूह ने लगभग 2.4 अरब डॉलर के शुद्ध मूल्य वाली बंदरगाह और बिजली परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए एक निश्चित समझौते की घोषणा की थी।
यह परिसंपत्तियां मुख्य रूप से गुजरात में एएम/एनएस के हजीरा इस्पात संयंत्र के परिचालन के वास्ते निजी उपयोग के लिए हैं और यह सौदा पूरा होने के बाद खासा लाभ होगा।
एएम/एनएस इंडिया के उप मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित हरलालका ने कहा कि इस्पात क्षमता के मौजूदा स्तर, जो 90 लाख टन प्रति वर्ष है, पर 25-30 करोड़ डॉलर के बीच लाभ होने की उम्मीद है।
हरलालका ने कहा कि हमने जिस रणनीतिक बुनियादी ढांचागत परिसंपत्ति के अधिग्रहण का फैसला किया है, वह हमारी मौजूदगी और परिचालन क्षमता का विस्तार करेगी। इससे लॉजिस्टिक और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में तत्काल वास्तविक सुरक्षा मिलेगी तथा आपूर्ति श्रृंखला की बेहतरीन कार्यकुशलता और लॉजिस्टिक लागत में खासी बचत जैसा दीर्घकालिक तालमेल होगा।
हरलालका ने कहा कि आयात और निर्यात वाले सभी बंदरगाह स्थलों पर विलंब शुल्क, जहाजों पर ढुलाई और प्रतीक्षा समय में कमी के जरिये परिचालनगत तालमेल होगा।
उन्होंने कहा कि इन अधिग्रहणों के जरिये एएम/एनएस इंडिया उत्पादन बढ़ाकर लागत घटाने में भी सक्षम होगी क्योंकि हजीरा संयंत्र वर्ष 2026 तक इस्पात उत्पादन क्षमता में विस्तार कर 1.5 करोड़ टन प्रति वर्ष करेगा। हरलालका ने कहा कि जैसे-जैसे हम विकास करेंगे, इस तालमेल से हमारे प्रतिस्पर्धात्मक लाभ को मजबूती ही मिलेगी।
दिवाला कानून के तहत दिसंबर 2019 में आर्सेलर मित्तल और निप्पॉन स्टील द्वारा संयुक्त रूप से एस्सार स्टील के अधिग्रहण के बाद से एएम/एनएस इंडिया को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता रहा है।
निजी उपभोग वाले बिजली संयंत्रों और स्लरी पाइपलाइन जैसे महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का अधिग्रहण इसी का हिस्सा है। इस रणनीति का नया अध्याय निजी इस्तेमाल वाली बंदरगाह और ऊर्जा परिसंपत्तियों का प्रस्तावित अधिग्रहण है। हाल की निवेशक और विश्लेषक प्रस्तुति के अनुसार यह वर्ष 2022 में पूरा होने की उम्मीद थी।
एएम/एनएस इंडिया की इस्पात इकाइयों से संबद्ध होने के बावजूद, बुनियादी ढांचे की ये महत्त्वपूर्ण परिसंपत्तियां एस्सार स्टील की दिवाला समाधान प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थीं।