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‘नैनो’ का सपना साकार करने में लगे हैं रतन टाटा

Last Updated- December 07, 2022 | 8:06 PM IST

टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने नैनो को अपने वादे के मुताबिक सही समय पर बाजार में लाने की कवायद शुरू कर दी है।


टाटा मोटर्स के इंजीनियरों की टीम ने नैनो इंजन का परीक्षण पुणे स्थित कंपनी के संयंत्र में शुरू कर दिया है। लगभग 800 एकड़ में फैले हुए पिंपरी संयंत्र में वाणिज्यिक और यात्री वाहन दोनों का निर्माण किया जाता है। सिंगुर में नैनो का काम शुरू होने से पहले पुणे के इसी संयंत्र में नैनो का काम किया जा रहा था।

टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने बताया कि सिंगुर संयंत्र का काम 85 फीसदी पूरा हो चुका है। कंपनी को अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में दुनिया की सबसे सस्ती कार का निर्माण शुरू करने के लिए कुछ हफ्तों का समय चाहिए। कंपनी के कर्मचारियों और इंजीनियरों को काम नहीं करने की धमकियां लगातार मिल रही थी।

उन्हें काम पर आने से रोका जा रहा था। इसी से परेशान होकर कंपनी ने सिंगुर संयंत्र में नैनो का काम बंद करने की घोषणा कर दी। अब कंपनी इस परियोजना को दूसरी जगह लगाने की योजना बना रही है। नैनो संयंत्र में लगभग 750 कार्यक्रमों पर 250 इंजीनियर और सुपरवाइजर काम कर रहे थे। इसके अलावा कंपनी के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भी संयंत्र में काम करने का परीक्षण दिया था।

हालांकि कंपनी के अधिकारियों ने साफ कह दिया कि कंपनी इन लोगों को निकालने के  बजाय उन्हें किसी और संयंत्र में लगा देगी। चाहे पहली नैनो पुणे से निकले या कहीं और से, लेकिन कंपनी इसे सड़कों पर उतारने की तारीख नहीं बदलना चाहती है। पिछले हफ्ते ही रतन टाटा ने कहा था,’ हम नैनो को निर्धारित समय पर लॉन्च करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।’

टाटा मोटर्स ने बाकी संयंत्रों में नैनो बनाने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक टीम का भी गठन किया है। कंपनी ने हाल में ही ऐस ट्रक बनाने वाली इकाई को पुणे से हटाकर पंतनगर में लगाया है। पंतनगर के इस संयंत्र की अधिकतम क्षमता 2,25,000 ऐस ट्रकों का सालाना निर्माण करने की है। पिंपरी संयंत्र की अधिकतम उत्पादन क्षमता सालाना 1,00,000 इकाई की है।

जब कंपनी से बंद पड़े पिंपरी संयंत्र के भविष्य के बारे में पूछा गया तो प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी इस संयंत्र में 1 टन भार वाले ट्रक ‘जेनॉन’ का उत्पादन शुरू करेगी। यह भी मुमकिन है कि पंतनगर औद्योगिक परिसर में ही नैनो परियोजना भी लगाई जाए। पंतनगर और पुणे के साथ ही भारत में जमशेदपुर, लखनऊ, धारवाड़ (कर्नाटक) और पुणे के पास ही 130 एकड़ भूमि पर कंपनी के संयंत्र हैं।

First Published - September 8, 2008 | 12:23 AM IST

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