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टॉप आठ शहरों में लोग कम खरीद रहे सस्ते मकान, बिल्डर्स भी अब अपनाने लगे दूसरी स्ट्रैटजी; प्रॉपइक्विटी ने बताई वजह

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PropEquity के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कैलेंडर वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में 60 लाख रुपये तक की लागत वाले घरों की बिक्री 63,787 इकाई रही थी।

Last Updated- June 16, 2024 | 3:02 PM IST
Home price

Affordable Home Sales: देश के आठ प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY24) में 60 लाख रुपये तक की कीमत वाले सस्ते यानी किफायती घरों की बिक्री चार प्रतिशत घटकर 61,121 इकाई रह गई है। रियल एस्टेट (Real Estate) आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली कंपनी प्रॉपइक्विटी (PropEquity) के अनुसार, इसकी वजह कम आपूर्ति और लक्जरी अपार्टमेंट की अधिक मांग है।

ये आठ प्रमुख यानी टॉप शहर- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-दिल्ली, मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), बेंगलूरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, पुणे और अहमदाबाद हैं।

किफायती घरों की कम बिक्री की क्या है वजह?

प्रॉपइक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कैलेंडर वर्ष की जनवरी-मार्च अवधि में 60 लाख रुपये तक की लागत वाले घरों की बिक्री 63,787 इकाई रही थी। बिक्री में इस गिरावट के लिए किफायती घरों की कम आपूर्ति प्रमुख कारण है।

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च, 2024 के दौरान इन टॉप आठ शहरों में 60 लाख रुपये तक के नए घरों की आपूर्ति घटकर 33,420 इकाई रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 53,818 इकाई थी।

लग्जरी अपार्टमेंट्स की ओर फोकस कर रहे बिल्डर्स

प्रीमियम आवासीय संपत्तियों (premium residential properties) की बढ़ती मांग को भुनाने के लिए बिल्डर्स लग्जरी अपार्टमेंट पेश करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। लग्जरी परियोजनाओं में लाभ मार्जिन भी अधिक है।

आंकड़ों के अनुसार, इस मूल्य श्रेणी में आवास की बिक्री, 2023 कैलेंडर वर्ष में घटकर 2,35,340 इकाई रह गई, जो इससे पिछले वर्ष 2,51,198 इकाई थी। साल 2019 में, 60 लाख रुपये तक की कीमत वाले घरों की बिक्री 2,26,414 इकाई रही थी।

पिछले सालों में कैसी रही घरों की बिक्री

2020 के कैलेंडर वर्ष (CY20) में कोविड महामारी के बीच इस मूल्य श्रेणी में बिक्री घटकर 1,88,233 इकाई रह गई थी। हालांकि, 2021 और 2022 में बिक्री में उछाल आया और यह क्रमशः 2,17,274 इकाई और 2,51,198 इकाई पर पहुंच गई। साल 2023 में बिक्री में फिर से गिरावट आई और यह पिछले वर्ष की तुलना में 2,35,340 इकाई रह गई।

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First Published - June 16, 2024 | 3:02 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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