महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) फाइनैंसियल सर्विसेज ने आज कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उसके आउटसोर्सिंग रिकवरी एजेंटों पर प्रतिबंध लगाए जाने से कंपनी की वित्तीय सेहत पर कोई असर नहीं होगा, लेकिन अस्थायी रूप से करीब 3,000 से 4,000 वाहनों पर कब्जा करने में कमी आएगी।
कंपनी ने एक बयान में कहा है, ‘कब्जा किए जाने वाले वाहनों को ज्यादातर स्टेज-3 में वर्गीकृत किया गया है। ऐसे में थर्ड पार्टी का इस्तेमाल कर कब्जे की गतिविधि में यह अस्थायी रुकावट होगी और कंपनी पर इसका कोई मूर्त असर पड़ने की संभावना नहीं है।’भारतीय रिजर्व बैंक ने इस तरह की कार्रवाई तब की, जब झारखंड के हजारीबाग में 22 साल की एक गर्भवती महिला की उस समय मौत हो गई, जब वह रिकवरी एजेंटों द्वारा अपने पिता का ट्रैक्टर ले जाए जाने का विरोध कर रही थी और उसे वाहन के नीचे कुचल दिया गया।
ट्रैक्टर के लिए एमऐंडएम फाइनैंशियल से कर्ज लिया गया था। रिजर्व बैंक ने कंपनी से कहा कि वह अगले आदेश तक आउटसोर्सिंग की व्यवस्था से कोई रिकवरी या कब्जे की गतिविधि रोक दे। शुक्रवार को बीएसई में कंपनी के शेयर 13.09 प्रतिशत गिरकर 194.45 रुपये पर बंद हुए। सामान्यतया अपने कारोबार में कंपनी हर महीने 4,000 से 5,000 वाहनों पर कब्जा करती है, जिसमें वह थर्ड पार्टी एजेंटों या अपने कर्मचारियों का इस्तेमाल करती है।