ऑप्टिकल डिस्क लगभग 2,000 करोड़ रुपये की कं पनी मोजर बेयर पिछली 2 तिमाही से नुकसान झेल रही है।
लेकिन कंपनी के कार्यकारी निदेशक रतुल पुरी का मानना है कि जल्द ही कंपनी इस बुरे वक्त से निकल जाएगी। एंटरटेनमेंट कारोबार को अपने कारोबार से अलग करने के बाद मोजर बेयर अब भारत और विदेशों में ऑप्टिकल मीडिया कारोबार को बढ़ाना चाहती है।
मोजर बेयर के कार्यकारी निदेशक रतुल पुरी से उनकी कंपनी की रणनीति और इस वित्त वर्ष में उनकी प्राथमिकताओं के बारे में बात की कीर्तिका सुनेजा ने। मुख्य अंश:
इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मोजर बेयर को 100 करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान हुआ था। आप जुलाई -सितंबर तिमाही को कैसे देख रहे हैं?
हमने ज्यादातर नुकसान ब्लैंक आप्टिकल मीडिया कारोबार में हुआ था, जो चक्रीय कारोबार है। इसके अलावा हमें हमारे द्वारा जारी किए गए विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड्स (एफसीसीबी) के कारण भी नुकसान हुआ।
आमतौर पर ऑप्टिकल मीडिया कारोबार में 20 फीसदी रिटर्न ही मिलता है। इस साल हमे इस कारोबार से लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। पिछली दो तिमाही में हमें नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन साल दर साल यह 10-20 फीसदी की दर से बढ़ भी रहा है। इसके साथ ही हमने सौर ऊर्जा के कारोबार में तीन सोर्सिंग और खरीद करार भी किए हैं।
कोलेक्जोन एनर्जी के साथ 4-5 साल के लिए करार भी किया है। इस करार के तहत कंपनी कोलक्जोन को 130 मेगावाट का सौर मॉडयूल उपलब्ध कराएगी। इस करार से कंपनी को 1,258-1,607 करोड़ रुपये की कमाई होगी।
तो आप को किस कारोबार से ज्यादा कमाई करने की उम्मीद है?
अगले तीन साल में ब्लैंक ऑप्टिकल कारोबार में हमें उम्मीद है कि कंपनी 15-20 फीसदी की सालाना दर से विकास करेगी। आने वाले 12-24 महीनों में ब्लू रे के कारोबार में भी तेजी आएगी। फिलहाल इस कारोबार का हमारी कमाई में 6 फीसदी की हिस्सेदारी है।
लेकिन ब्लू रे डिस्क के दामों में कमी आने से इसकी बिक्री में भी इजाफा होगा। हम फोटो वोल्टेइक (पीवी)कारोबार में भी तेजी से इजाफे की उम्मीद कर रहे हैं। हमने अपनी क्षमता भी 40 मेगावाट से 6 गुना बढ़ाकर 250 मेगावाट कर ली है। कंपनी को इस कारोबार से भी अच्छी कमाई होगी।
एंटरटेनमेंट कारोबार में हमारा लक्ष्य अगले तीन साल में शीर्ष तीन कंपनियों में शामिल होने का है। फिलहाल कंपनी में लगभग 7,500 कर्मचारी कार्यरत हैं। लेकिन अगले कुछ साल में लगभग 3,000- 4,000 लोग और हमारी कंपनी में आने वाले हैं। इसमें से ज्यादातर लोग पीवी कारोबार में ही आएंगे।
अगर आप हमारी कमाई के भौगोलिक स्तर पर योगदान की बात करे तो हमें भारत और यूरोप से ज्यादा कमाई की उम्मीद है। यूरोप हमारी कमाई में 60-65 फीसदी का योगदान करता है। जबकि उत्तरी अमेरिका की हिस्सेदारी 10-15 फीसदी है। इसके अलावा लगभग 500 करोड़ रुपये से हम नई इकाइयों की स्थापना से भी विकास कर सकेंगे।
क्या आप लोग सौर ऊर्जा के फॉर्म विकसित करने के बारे में भी सोच रहे हैं?
सौर ऊर्जा फॉर्म खरीदने की हमारी कोई योजना नहीं है। ना अभी ना भविष्य में। हमारी कंपनी बिजली का उत्पादन करने वाली कंपनी नहीं है। हम सिर्फ उन कंपनियों को सेवाएं देते हैं जो इस क्षेत्र में हैं। घरेलू स्तर पर हम चेन्नई जैसी पीवी परियोजना के लिए 10-15 राज्यों से बातचीत कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अगले पांच साल में पीवी बाजार 3,440- 4,300 अरब रुपये का होने वाला है। अभी तक हम इस कारोबार में 2,200 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं और साल 2010 तक अपनी क्षमता बढ़ाकर 1 गिगावाट करने के लिए 14,000 करोड़ रुपये निवेश करेंगे।
फिलहाल हमारी क्षमता 250 मेगावाट ही है। चेन्नई के विशेष आर्थिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए 600 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
लेकिन आपके एंटरटेनमेंट कारोबार की विकास रफ्तार काफी धीमी है?
हम हर तिमाही में 10,000 अधिग्रहित शीर्षकों में से लगभग 300-500 शीर्षक हर तिमाही में रिलीज करते हैं। क्योंकि इससे ज्यादा ना तो हमारा आपूर्ति शृंखला प्रबंधन दे सकता है और ना ही बाजार ले सकता है। इसके साथ ही हम भारत में अंतरराष्ट्रीय कंटेंट भी मुहैया कराएंगे। भारत में अंग्रेजी फिल्मों का बाजार अभी भी उतना नहीं है इसीलिए हम इस बाजार में सोच समझकर ही कदम रखेंगे।
इसके अलावा इस वित्त वर्ष में कुछ और चुनौतियां हैं?
यह हमारे लिए मुश्किल समय है। हालांकि अंतररराष्ट्रीय बाजार में ब्लैंक ऑप्टिकल डिस्क क ी मांग 15-20 फीसदी बढ़ने वाली है। लेकिन पेट्रोकैमिकल के दामों की बढ़ती लागत और आई पी अभियोग से निपटना भी एक चुनौती है।