facebookmetapixel
test postQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतरेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइल

देसी उद्योग की सुरक्षा के लिए सरकार उठाएगी कदम, चुनिंदा स्टील आयात पर 12% सेफगार्ड शुल्क संभव!

जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, सेल और आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया जैसे स्टील उत्पादक कंपनियों को प्रस्तावित सेफगार्ड शुल्क से सीधे तौर पर लाभ होगा।

Last Updated- March 20, 2025 | 8:36 AM IST
Vehicle companies protest against security duty on steel import, differences over self-reliance वाहन कंपनियों का स्टील आयात पर सुरक्षा शुल्क का विरोध, आत्मनिर्भरता को लेकर मतभेद

सरकार देसी उद्योग की सुरक्षा के लिए चुनिंदा स्टील उत्पादों के आयात पर 12 फीसदी सेफगार्ड शुल्क लगा सकती है। इन उत्पादों पर 200 दिनों के लिए यह शुल्क लगाने सिफारिश व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने की है। हाल के समय में स्टील के आयात में तेजी को देखते हुए घरेलू उद्योग की सुरक्षा के मकसद से यह कदम उठाया जा सकता है। सिफारिश को अंतिम मंजूरी वित्त मंत्रालय का राजस्व विभाग देगा। यह उपाय तब किया जा रहा है जब अमेरिका द्वारा स्टील और एल्युमीनियम आयात पर 25 फीसदी शुल्क 12 मार्च से प्रभावी हो रहा है। इससे देश में स्टील के आयात और बढ़ने की आशंका है।

किसी उत्पाद का आयात तेजी से बढ़ने पर घरेलू उद्योग को बचाने के लिए देश अस्थायी शुल्क बाधा तौर पर सेफगार्ड शुल्क लगाता है।
डीजीटीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस उपाय को लागू करना महत्त्वपूर्ण है और शुल्क लगाने में किसी भी प्रकार की देर करने से नुकसान होगा, जिसकी भरपाई करना कठिन होगा। व्यापार विभाग की पड़ताल में पता चला है कि अमेरिका द्वारा 2018 की शुरुआत में सुरक्षात्मक उपायों को लागू करने से भारत में चीन, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और जापान जैसे देशों से तैयार स्टील के आयात में काफी इजाफा हुआ है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अमेरिका के कदम से अपने देशों में बढ़ते आयात का मुकाबला करने के लिए कई देशों ने आयात शुल्क लगाया है और भारत द्वारा किया जाने वाला कोई भी सुरक्षात्मक उपाय अतिरिक्त आयात को रोकने के लिए पर्याप्त स्तर का होगा।’ हालांकि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) और उपयोगकर्ता उद्योग को चिंता है कि सेफगार्ड शुल्क के रूप में आयात बंदिश लगाने से कच्चे माल महंगा हो जाएगा और उसकी कुल लागत बढ़ जाएगी।

ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने कहा कि स्टील उत्पादों के दाम में संभावित बढ़ोतरी और आपूर्ति में बाधा से एमएसएमई और उपयोगकर्ता उद्योगों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि एमएसएमई इकाइयों के लिए निर्यात प्राथमिकता कीमत पर स्टील खरीदने का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि वैश्विक स्तर पर वह प्रतिस्पर्धा कर सकें।

चड्ढा ने शुल्क दर कोटा प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया है जिसमें निर्धारित सीमा तक कम शुल्क पर आयात की अनुमति हो और उक्त कोटा से अधिक आयात पर सेफगार्ड शुल्क लगाया जाए। सेफगार्ड शुल्क पर उद्योग की राय बंटी हुई है। बड़ी कंपनियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है जबकि उपयोगकर्ता उद्योग को कीमत बढ़ने की चिंता सता रही है। टाटा स्टील के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने कहा, ‘हम इस कदम का स्वागत करते हैं और उद्योग की सहायता के लिए सरकार की सराहना करते हैं।’

इक्रा में उपाध्यक्ष ऋताव्रत घोष ने कहा जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, सेल और आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया जैसे स्टील उत्पादक कंपनियों को प्रस्तावित सेफगार्ड शुल्क से सीधे तौर पर लाभ होगा।

(साथ में कोलकाता से ईशिता आयान दत्त)

First Published - March 19, 2025 | 11:14 PM IST

संबंधित पोस्ट