भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बिना अनुमति के सलाहकार सेवाएं मुहैया कराने के लिए एम्पीरिक ट्रेड और उसके मालिक नीरज ठाकुर को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है।
सेबी ने इस मामले में उन्हें सितंबर 2021 में कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
नियामक ने अपनी जांच में पाया कि एम्पिरिक ट्रेड और नीरज ठाकुर पंजीकरण का प्रमाण पत्र लिए बगैर निवेश सलाहकार सेवाएं दे रहे थे।
सेबी ने अपने एक आदेश में कहा है कि आरोपी फर्म ने जनवरी-जुलाई 2019 के दौरान प्रथम दृष्टया 83.70 लाख रुपये जुटाए थे।
निवेश सलाहकार गतिविधियों के शुल्क के रूप में ली गई इस राशि को निवेशकों को तीन महीने में लौटाने का आदेश भी सेबी ने दिया है। इसके साथ ही सेबी ने निवेशकों का पैसा लौटाए जाने के छह महीने बाद तक फर्म को प्रतिभूति बाजारों में शिरकत करने से प्रतिबंधित कर दिया।