पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाली कंपनी श्रीराम ऑटोमॉल इंडिया ने कहा है कि भारत में पुराने वाहनों की बिक्री कोविड-पूर्व स्तर तक पहुंच गई है। उसने यह भी कहा कि सेमीकंडक्टर की किल्लत होने से बाजार में नए वाहनों की आपूर्ति सीमित हो गई जिससे पुराने वाहनों की बिक्री रफ्तार बढ़ी।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त की अवधि के दौरान कंपनी का राजस्व 52 फीसदी बढ़कर 1,304 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी ने 78,482 वाहनों के लिए लेनदेन किया। साल 2021-22 की समान अवधि में कंपनी ने 50,748 वाहनों के लेनदेन के साथ 859 करोड़ रुपये का कारोबार किया।
सामिल के निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी समीर मल्होत्रा ने कहा, ‘पुराने वाहन अब दूसरी पसंद नहीं रह गए हैं। हमारे आंकड़े नए वाहन बाजार के समान हैं। हम कारों, ट्रकों और ट्रैक्टरों में वृद्धि देख रहे हैं। नए वाहनों में आपूर्ति समस्याओं, जैसे सेमीकंडक्टर किल्लत से भी पुराने वाहन उद्योग को मदद मिली है।’
वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान कंपनी ने 237,667 सौदों के जरिये करीब 5,800 करोड़ रुपये का व्यवसाय दर्ज किया।