लगातार तीन तिमाहियों के दौरान 10 अरब डॉलर से अधिक रकम जुटाने के बाद कैलेंडर वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में भारतीय स्टार्टअप परिवेश द्वारा जुटाई गई रकम पहली तिमाही के मुकाबले करीब 40 फीसदी घटकर 6.8 अरब डॉलर रह गई।
पीडब्ल्यूसी इंडिया ने ‘स्टार्टअप डील्स ट्रैकर- क्यू2 सीवाई22’ शीर्षक के तहत अपनी एक रिपोर्ट में इस गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक मंदी, तकनीकी शेयरों के मूल्यांकन में गिरावट, मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक अस्थिरता बताई है।
कैलेंडर वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही के दौरान भारतीय स्टार्टअप द्वारा जुटाए गए करीब 3.1 अरब डॉलर में सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस (सास) और फिनटेक कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही।
पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर (डील्स ऐंड इंडियन स्टार्टअप्स लीडर) अमित नवका ने कहा, ‘हमारा मानना है कि समग्र वित्त पोषण परिवेश को स्थिर होने में 12 से 18 महीने लगेंगे। इस दौरान फंडिंग रफ्तार बढ़ाना स्टार्टअप के लिए फायदेमंद रहेगा।’
कुल सौदों में औसतन 50 लाख डॉलर के आकार वाले शुरुआती चरण के वित्तपोषण सौदों की हिस्सेदारी 60 फीसदी से अधिक है। कैलेंडर वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही के दौरान शुरुआती चरण के सौदों के तहत भारतीय स्टार्टअप में वित्तपोषण करीब 80 करोड़ डॉलर पर स्थिर रहा। अगली कुछ तिमाहियों के दौरान भी इसमें स्थिरता अथवा मामूली वृद्धि बरकरार रहने के आसार हैं।