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दवाओं की बिक्री में छोटे शहर दमदार

Last Updated- December 11, 2022 | 6:50 PM IST

पिछले 12 महीनों के दौरान मदुरै, मेरठ, आगरा और वाराणसी जैसे छोटे शहरों में दवाओं की बिक्री में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। आईक्यूवीआईए एमएटी के अप्रैल महीने के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू फार्मास्युटिकल बाजार में कुल मिलाकर 12.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
एमएटी का तात्पर्य मुविंग एनुअल टर्नओवर यानी पिछले 12 महीनों के दौरान कुल कारोबार से है। आंकड़ों से पता चलता है कि दवाओं की कुल बिक्री में शीर्ष 30 शहरों का योगदान करीब 32 फीसदी रहा। आगरा, मदुरै, जयपुर, मेरठ और वाराणसी सबसे तेजी से बढ़त दर्ज करने वाले शीर्ष 30 शहरों में शामिल हैं। जबकि कोलकाता, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों ने अपने बड़े आधार के कारण अपेक्षाकृत सुस्त रफ्तार दर्ज की।
इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के सहायक निदेशक (बड़े कॉरपोरेट्स) कृष्णनाथ मुंडे ने कहा कि औषधि कंपनियां आमतौर पर कुछ क्षेत्रों में अपनी बिक्री को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करती हैं। उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि हम कुछ बाजारों में कंपनियों की मजबूत पकड़ देख रहे हैं। पिछले 12
महीनों के दौरान कंपनियों ने इन बाजारों पर ध्यान केंद्रित किया जिससे इस वृद्धि को रफ्तार मिली।’
देश में 6,50,000 से अधिक खुदरा दवा विक्रेताओं का प्रतिनिधि संगठन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स ऐंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि उत्तरी क्षेत्र में एक्यूट थेरेपी दवाओं की जबरदस्त मांग रही, खासकर गर्मीयों के मौसम में। उन्होंने कहा कि सर्दियों के आखिर और गर्मियों की शुरुआत में कोविड-19 वैश्विक महामारी की तीसरी लहर के कारण देश के इन हिस्सों में एक्यूट थेरेपी दवाओं की बढ़ती मांग का एक प्रमुख कारण हो सकता है।
पिछले 12 महीनों के दौरान घरेलू औषधि बाजार का आकार करीब 1.83 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। नई दवाओं के लॉन्च से कुल बाजार की वृद्धि को
करीब 6.3 फीसदी और मूल्य के लिहाज से करीब 0.7 फीसदी की वृद्धि हुई।
आईक्यूवीआईए के आंकड़ों से पता चलता है कि लॉन्च किए गए करीब 68 फीसदी फीसदी दवाएं एक्यूट थेरेपी से संबंधित थीं जबकि 32 फीसदी (मूल्य के लिहाज से) दवाएं क्रॉनिक श्रेणी में लॉन्च किए गए।
यह घरेलू बाजार में सबसे तेजी से उभरते ब्रांडों से भी स्पष्ट है। आईक्यूवीआईए के आंकड़ों से पता चलता है कि बाजार के शीर्ष 40 ब्रांडों में कालपोल, डोलो, रिजोडेग, डुलिन और एजिथ्रल एमएटी अप्रैल 2022 के लिए सबसे तेजी से बढ़त दर्ज करने वाले शीर्ष पांच ब्रांड थे। इनमें रिजोडेग (इंसुलिन) और डुलिन (श्वसन) दो क्रॉनिक थेरेपी दवाएं हैं। कालपोल और डोलो दर्द निवारक दवाएं हैं जबकि एजिथ्रल एंटीबायोटिक ब्रांड है जिसका कोविड-19 के दौरान खूब उपयोग किया गया।

 

First Published - May 21, 2022 | 12:49 AM IST

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