भारत के कुछ दिग्गज स्टार्टअप संस्थापक और परिचालक अर्था स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना के लिए आगे आए। इस संस्थान का मिशन उनके उद्यमों का आकार बढ़ाने और आर्थिक एवं सामाजिक समृद्धि में योगदान की राह मजबूत बनाना है।
संस्थापक टीम का स्टार्टअप के आकार में इजाफा करने और 12 यूनिकॉर्न निर्माण तथा 10 सफल बिकवाली सौदों (3 आईपीओ समेत) में योगदान देने का शानदार रिकॉर्ड रहा है। संस्थापक टीम में सुरुचि मैत्रा (लेंसकार्ट, यूनाइटेडलेक्स, दक्ष), टी एन हरि, (दक्ष, वर्चुसा, टैक्सीफॉरश्योर, बिगबास्केट), संजीव अग्रवाल (दक्ष, हेलिऑन, फंडामेंटम), प्रमथ सिन्हा (आईएसबी, हरिप्पा, अशोका), आशिष गुप्ता (हेलिऑन, जंगली), और पवन वैश (दक्ष, यूनाइटेडलेक्स, उबर) शामिल हैं।
अर्थ में 50 संकाय सदस्य उद्यमिता से जुड़े नाम हैं। इनमें नंदन नीलेकणि, दीप कालरा, संजीव बिकचंदानी, प्रमथ सिन्हा, पीयूष बंसल और हरि मेनन मुख्य रूप से शामिल हैं।
बिगबास्केट और टैक्सीश्योर में पूर्व एचआर अधिकारी टी एन हरि ने कहा, ‘उदारीकरण और वाई2के समस्या के बाद, कई बड़े उद्यम बने थे, लेकिन इनमें से ज्यादातर ने भारत की मुख्य समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित नहीं किया। फ्लिपकार्ट की स्थापना और उसके बाद ऊर्जा निर्माण के साथ, इनमें से कई उद्यमियों ने भारत की समस्याएं सुलझानी शुरू कीं। लेकिन अभी भी हरेक चरण (स्टार्टअप में) पर विफलता की दर काफी ऊंची है। हमारा मानना है कि यदि विफलता की दर एक या दो प्रतिशत तक भी घटाई जा सके तो यूनिकॉर्न की संख्या शायद दोगुनी की जा सकती है।’
इस स्कूल द्वारा पहली पेशकश अर्थ स्केल प्रोग्राम है। इस प्रोग्राम को नए जमाने के स्टार्टअप के उन संस्थापकों के लिए तैयार किया गया है, जो कुछ हद तक उत्पाद बाजार के लिए अनुकूल हैं और विकास के लिए तैयार हैं। इस कार्यक्रम का लक्ष्य इन संस्थापकों के लिए कला एवं विज्ञान की पहुंच आसान बनाना है। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद अनुभवी लोगों द्वारा समस्या समाधान से जुड़ी कार्यशालाएं आयोजित करना भी है। प्रतिभागियों को विभिन्न स्वरूपों में ऑनलाइन कंटेंट तक पहुंच हासिल होगी। उन्हें अपने व्यवसाय बढ़ाने से संबंधित चुनौतियों की राह में उन प्रतिबद्ध मार्गदर्शकों से जुड़ने का मौका मिलेगा, जो सफल संस्थापक और स्टार्टअप अधिकारी हैं।
हरि ने कहा, ‘हमारा दृष्टिकोण है कि हम ऐसी समझ मुहैया कराएं जो स्टार्टअप का दायरा बढ़ाने के लिए जरूरी है। हमारा इरादा व्यापक योगदान देने का है और हम टियर-2 तथा टियर-3 शहरों और कस्बों में उद्यमियों तक पहुंचेंगे।’
‘अर्थ स्केल प्रोग्राम’ के लिए प्रतिभागियों को सभी 4 मॉड्यूल के लिए 40,000 रुपये चुकाने होंगे। इनमें समस्या समाधान से जुड़ी चार दिन की कार्यशालाएं जुड़ी होंगी। प्रतिभागियों को 180 दिन के ऑनलाइन कंटेंट और 90 दिन के मार्गदर्शक कार्यक्रम तक पहुंच हासिल होगी।
इस तरह की कार्यशालाएं कोच्चि में पहले से ही आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा हैदराबाद, बेंगलूरु, दिल्ली में भी इनका आयोजन किया जाएगा।