facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

सुआशिष को भाए अफ्रीका के हीरे

Last Updated- December 07, 2022 | 6:08 PM IST

मुंबई की हीरा आभूषण निर्माता सुआशिष डायमंड्स अफ्रीकी देशों खासकर बोत्सवाना में हीरा खनन की योजना बना रही है। कंपनी देश में अपरिष्कृत और अर्द्ध-प्रसंस्करित हीरा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हीरों का खनन करना चाहती है।


सुआशिष डायमंड्स के मुख्य वित्तीय अधिकारी गोपाल लाङ्ढा ने कहा, ‘सरकार के साथ बातचीत शुरुआती दौर में है और भविष्य में अपरिष्कृत हीरा की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी योजनाओं पर काम कर रहे हैं और इसे जल्द ही अंतिम रूप दे देंगे।’

बोत्सवाना सरकार ने खनिज प्रसंस्करण उद्योग में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए अपनी खनन नीति को उदार बनाया है। जिससे वहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे लिए हीरा प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए खनन कंपनी डी बीयर्स और इसकी मार्केटिंग इकाई डायमंड ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (डीटीसी) के साथ एक समझौता किया है।

नई खनन नीति के तहत बोत्सवाना सरकार खनिक को परिष्कृत हीरे के निर्यात की अनुमति नहीं देती है जबकि अर्द्ध-प्रसंस्करित हीरे को देश से बाहर ले जाया जा सकता है। जेम्स ऐंड ज्वेलरी एक्सपोट्र्स प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के चेयरमैन संजय कोठारी ने बताया बड़ी संख्या में हीरा प्रोसेसर देश में कटिंग ऐंड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित कर चुके हैं। आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कंपनी लगभग 48 करोड़ रुपये निवेश कर चुकी है।

First Published - August 23, 2008 | 5:08 AM IST

संबंधित पोस्ट