विश्लेषकों का मानना है कि अगले तीन वर्षों के दौरान सन फार्मास्युटिकल की वृद्धि को मुख्य तौर पर स्पेशिएलिटी दवाओं से रफ्तार मिलेगी। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी की स्पेशिएलिटी दवाओं की वैश्विक बिक्री सालाना आधार पर 39 फीसदी बढ़कर 67.4 करोड़ डॉलर हो गई।
चौथी तिमाही के दौरान सभी बाजारों से प्राप्त कंपनी के स्पेशिएलिटी दवा राजस्व में 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और वह 18.5 करोड़ डॉलर हो गया। वृद्धि को मुख्य तौर पर इलुम्या (सोरायसिस की दवा), सेक्वा (आंखों में शुष्कता की बीमारी) और ओडोम्जो (कैंसर की दवा) से रफ्तार मिली।
सन फार्मा के प्रबंध निदेशक दिलीप सांघवी ने कहा कि वित्त वर्ष 2022 में स्पेशिएलिटी पोर्टफोलियो का योगदान करीब दो गुना बढ़कर 13 फीसदी हो गया जो वित्त वर्ष 2018 में 7 फीसदी रहा था। उन्होंने कहा, ‘हमने स्पेशिएलिटी कारोबार में दमदार वृद्धि दर्ज की है जिसे इलुम्या की बिक्री में 81 फीसदी के उछाल से बल मिला। वित्त वर्ष 2022 में इलुम्या की बिक्री 81 फीसदी बढ़कर 31.5 करोड़ डॉलर हो गई।’
सांघवी ने कहा कि इलुम्या की 31.5 करोड़ डॉलर की बिक्री में इलुम्टेरी की 10 करोड़ डॉलर की बिक्री और यूरोपीय बाजार की बिक्री शामिल नहीं है। समझा जाता है कि यह दवा फिलहाल वृद्धि के दौर से गुजर रही है। सन फार्मा ने हाल में कनाडा में इलुम्या और सेक्वा को लॉन्च किया था।
एडलवाइस सिक्योरिटीज के विश्लेषक कुणाल रंदेरिया ने कहा कि इलुम्या की वृद्धि में दिसंबर 2021 के बाद जबरदस्त तेजी दर्ज की गई और चौथी तिमाही के दौरान इस दवा की बिक्री में तिमाही आधार पर 52 फीसदी की दमदार वृद्धि हुई।