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सुजूकी मोटर के उद्यम बनाएंगे बैटरी

Last Updated- December 11, 2022 | 3:23 PM IST

 सुजूकी मोटर कॉर्प के भारतीय उद्यमों तो​शिबा-डेंसो-सुजूकी गुजरात (टीडीएसजी) और मारुति सुजूकी इंडिया ने भारत में बैटरी निर्माण व्यवसाय में पैठ बनाने की तैयारी की है। भारत में हाइब्रिड और बैटरी इले​क्ट्रिक वाहनों के बड़े पैमाने पर उत्पादन और बिक्री के प्रयास में जापानी कार निर्माता की इकाइयां बैटरी की स्थानीय आपूर्ति हासिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं, क्योंकि यह इले​क्ट्रिफाइड मॉडलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण कलपुर्जों में से एक है।  
जहां टीडीएसजी के संयंत्र (बैटरियों के निर्माण के लिए देश में पहला) ने अगले तीन साल के लिए बड़ा निर्यात लक्ष्य रखा है, वहीं सुजूकी मोटर गुजरात (एसएमजी) के पूर्ण स्वामित्व वाली दूसरी कंपनी द्वारा निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया गया है और यह सिर्फ ईवी के लिए स्थानीय तौर पर बैटरियों का निर्माण करेगी।
मारुति सुजूकी इंडिया में कॉरपोरेट मामलों के कार्यकारी अ​धिकारी राहुल भारती के अनुसार, टीडीएसजी से राजस्व जहां वित्त वर्ष 2022 के अंत में 42 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया, वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में यह 2,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, क्योंकि कंपनी ने निर्यात और घरेलू बाजारों में मांग पूरी करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाई है। इसमें, निर्यात की भागीदारी करीब 1,500 करोड़ रुपये होगी। ये बैटरियां सुजूकी की भारतीय सहायक इकाई मारुति सुजूकी द्वारा यूरोप और इंडोने​शिया को निर्यात की जाएंगी। 
टीडीएसजी के संयंत्र की आधार​शिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. ​शिंजो आबे द्वारा सितंबर 2017 में रखी गई थी। करीब 1,200 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश के साथ इस संयंत्र ने वित्त वर्ष 2023 में वा​णि​ज्यिक उत्पादन शुरू किया और इसकी क्षमता 60 लाख बैटरी प्रति वर्ष है तथा आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाए जाने की योजना है।
भारती ने कहा कि टीडीएसजी भारत में न सिर्फ बैटरियों का स्थानीय उत्पादन शुरू करने वाली ब​ल्कि इनका निर्यात करने वाली भी पहली कंपनी है। 
उन्होंने कहा, ‘हमारी पैतृक सुजूकी का संयुक्त उपक्रम टीडीएसजी स्थानीय स्तर पर देश में बैटरियां बनाने वाला पहला संयंत्र है। हम अपने स्वयं के हाइब्रिड वाहनों में लगाने के लिए ये बैटरियां खरीदते हैं और इनमें से कुछ का यूरोप को निर्यात भी करते हैं।’
इस बीच, गुजरात में दूसरा प्रमुख बैटरी संयंत्र बनाने का काम तेजी से शुरू किया गया है। सुजूकी ईवी के लिए बैटरियां बनाने के लिए इस संयंत्र में 7,300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह संयंत्र वर्ष 2026 में उत्पादन शुरू करेगा।  इस संयंत्र की आधार​शिला भी प्रधानमंत्री द्वारा गुजरात में पिछले महीने रखी गई थी। 

First Published - September 19, 2022 | 10:10 PM IST

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