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टीसीएस को अमेरिका से दम

Last Updated- December 11, 2022 | 5:40 PM IST

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के लिए वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही मिश्रित रही और जहां राजस्व अनुमान अच्छा रहा, वहीं मार्जिन को लेकर कुछ हद तक निराशा हाथ लगी। लेकिन बड़ी चिंता इस तथ्य को लेकर है कि वृहद आर्थिक दबाव पहले से ही यूरोप को प्रभावित कर रहा है। कंपनी का कहना है कि वित्त वर्ष 2023 के लिए अमेरिका वृद्धि का मुख्य वाहक होगा।
ब्रिटेन के संदर्भ में वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में कंपनी ने तिमाही आधार पर 3.3 प्रतिशत और महाद्वीपीय यूरोप के लिए 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। हालांकि सालाना आधार पर ब्रिटेन ने 12.6 प्रतिशत और महाद्वीपीय यूरोप ने 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। अन्य कंपनियों के विपरीत, यूरोप में कमजोरी टीसीएस के मामले में बड़ी चिंता है, क्योंकि उसका करीब 30 प्रतिशत राजस्व इस क्षेत्र से आता है। भले ही कंपनी का मानना है कि उत्तर अमेरिका में विकास वाहक मजबूत होंगे, लेकिन कई विश्लेषक इसे वास्तविक दबाव के शुरुआती संकेत के तौर पर देख रहे हैं और इसलिए यह इस बात का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही सामान्य के मुकाबले सुस्त हो सकती है।
मोतीलाल ओसवाल के मुकुल गर्ग और राज प्रकाश भनुशाली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘उनका मानना है कि मंदी को लेकर ग्राहकों की चिंताओं के संदर्भ में यूरोप के मुकाबले अमेरिका में हालात बेहतर रहेंगे। हमारे नजरिये में, यह तकनीकी खर्च पर प्रभाव नहीं पड़ने के मौजूदा नजरिये के मुकाबले उद्योग के लिए वास्तविकता का शुरुआत संकेत है। हम वित्त वर्ष 2023 में सीसी संदर्भ में टीसीएस की राजस्व वृद्धि 10.2 प्रतिशत मान रहे हैं, क्योंकि वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में वृद्धि नरम पड़ेगी। ‘
कंपनी ने संकेत दिया है कि यूरोप में ग्राहक बड़ी मंदी और पूर्वी यूरोप में मौजूदा टकराव को देखते हुए तकनीकी खर्च को लेकर अधिक सतर्क हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में विलंब को बढ़ावा मिल रहा है। इससे यूरोप में अल्पावधि में सुस्ती आ सकती है।

First Published - July 10, 2022 | 11:57 PM IST

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