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राज्यों को केंद्र का कड़ा निर्देश: दूरसंचार टावरों के लिए दें ‘राइट ऑफ वे’, तभी मिलेगा सुधारों के लिए फंड

वित्त मंत्रालय ने राज्यों को दूरसंचार टावरों के लिए रास्ता देने और उर्वरक उपयोग को किसान आईडी से जोड़ने पर ही विशेष वित्तीय सहायता देने का निर्देश दिया है

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रुचिका चित्रवंशी   
गुलवीन औलख   
Last Updated- April 07, 2026 | 10:45 PM IST

वित्त मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे दूरसंचार टावरों के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्लयू) की सुविधा प्रदान करें और उर्वरक उपयोग को किसान पहचान से जोड़ें। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह विशेष सहायता राज्यों के लिए पूंजी निवेश (एसएएससीआई) योजना के सुधार-लिंक्ड या टाइड घटक तक पहुंच के लिए किए जाने वाले नए सुधारों में शामिल हैं।

वित्तीय व्यय विभाग ने पिछले महीने दिशानिर्देश अधिसूचित किए थे। इनमें 1.75 लाख करोड़ रुपये का ऋण शामिल है, जिसमें 70,000 करोड़ रुपये बिना किसी शर्त व मद (अनटाइड) के हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शेष राशि सुधार से जुड़ी हुई है।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में एसएएससीआई योजना के लिए आबंटन संशोधित अनुमानों में 1.44 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। इसमें से कुछ सुधार बीते वर्ष शुरू किए गए थे। इनमें राज्यों का सक्रिय रूप से खदानों का आबंटन शामिल है।

दूरसंचार विभाग के आरओडब्ल्यू नियम सितंबर 2024 में अधिसूचित किए गए थे। इनका उद्देश्य दूरसंचार कंपनियों के दूरसंचार के आधारभूत ढांचा तैयार करने में आने वाली चुनौतियों को कम करना है। दूरसंचार के आधारभूत ढांचे के अंतर्गत सार्वजनिक और निजी संपत्ति पर मोबाइल टॉवर, पोल, तार बिछाने के लिए कॉमन डक्ट व कंडिट, स्मॉल सेल और स्ट्रीट फर्नीचर हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के महानिदेशक मनोज कुमार सिंह ने कहा, ‘दूरसंचार नेटवर्क के विस्तार के लिए राइट ऑफ वे अहम है और एक संरचित, सुधार-लिंक्ड प्रोत्साहन ढांचे की शुरुआत प्रगतिशील कदम है।’ यह राज्यों के लिए स्पष्ट और परिणाम-उन्मुख रास्ता सुनिश्चित करता है। इसमें परिभाषित प्रोत्साहन आबंटन शामिल हैं और मजबूत आरओडब्ल्यू की मंजूरी है।

इससे फाइबरजेशन को बढ़ावा मिलेगा और 5जी मुहैया कराने को मजबूत करेगी।  एसएएसएसीआई के टाइड हिस्से से जुड़े नए सुधारों में एग्रीस्टैक को एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली से जोड़ना शामिल है। एग्रीस्टैक डीपीआई में कृषि क्षेत्र से संबंधित तीन प्रमुख रजिस्ट्रियां, या डेटाबेस शामिल हैं : जियो-रेफरेंस्ड ग्राम मानचित्र, बोई गई फसलों की रजिस्ट्री और किसानों की रजिस्ट्री। ये सभी राज्य बनाते हैं और इनका रखरखाव करते हैं।

First Published : April 7, 2026 | 10:09 PM IST