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इंडियन आईटी इंडस्ट्री में नौकरी छोड़ने की दर 25% रहेगी बरकरार : रिपोर्ट

Last Updated- December 11, 2022 | 2:40 PM IST

भारतीय आईटी उद्योग में वित्त वर्ष-2022 में नौकरी छोड़ने की दर 25.2 फीसदी रही। अन्य उद्योगों की तुलना में यह तेजी से अपनी प्रतिभाओं को खो रहा हैं, जिससे इस उद्योग को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह जानकारी टीमलीज की एक रिपोर्ट में दी गई है।  
आईटी सेक्टर की नौकरियों से प्रतिभाओं के पलायन से निपटने पर आई रिपोर्ट ब्रेन-ड्रेन के अनुसार 2022 की तुलना में 2023 में इसमें और बढ़ोतरी होगी। वित्त वर्ष-2022 में संविदा (contract) पर काम कर रहे कर्मचारियों की जहां नौकरी छोड़ने की दर 49 फीसदी थी। वहीं वित्त वर्ष -2023 में इसके  50 फीसदी रहने का अनुमान है।  

टीमलीज डिजिटल के सीईओ सुनील चेम्मनकोटिल ने कहा कि गैर तकनीकी (non-tech) कंपनियों की तरफ से ऐसे कर्मचारियों की मांग बढी है। गैर तकनीकी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं जैसे वेतन, काम का लचीलापन आईटी कर्मचारियों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं।

आने वाले सालों में पारंपरिक कंपनियों में तकनीकी कर्मचारियों की मांग तीन गुना बढ़ेगी। इन पारंपरिक कंपनियों में 2025 तक 10  लाख नई टेक जॉब आने की संभावना है। इस प्रकार आगे भविष्य में भी आईटी से अन्य उद्योगों में कर्मचारियों का पलायन होता रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि आईटी उद्योग में ग्रोथ हो रही है लेकिन यह अपनी प्रतिभाओं को रोकने में असफल है। इसी सर्वे के अनुसार 57 फीसदी आईटी कर्मचारी एक बार नौकरी छोड़ने के बाद दोबारा इस सेक्टर की जॉब में वापसी नहीं करते है। कर्मचारियों के द्वारा नौकरी बदलने के लिए अधिक वेतन का आकर्षण एक अहम कारक होता है। हम कर्मचारियों में बड़ा बदलाव देख रहे हैं।  उनके काम करने और जीवन जीने के दृष्टिकोण में बदलाव आया हैं।  
आईटी उद्योग में अगले 5 वर्षों में 50 लाख  से बढ़कर 1 करोड़ कर्मचारी होने की उम्मीद है।  जिसके कारण नौकरी चाहने वालों के लिए अच्छे अवसर होंगे।

कर्मचारी जब किसी कंपनी में काम करना चाहता है तो उसमे वह देखता है कि कंपनी क्या-क्या सुविधाएं देती है।  इसलिए अच्छे वेतन के अलावा कंपनी को  एक अच्छे वर्क कल्चर, बेहतरीन लीडरशिप और अपने कर्मचारियों की जीवन की गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा।

अगले कुछ वर्षों में आईटी उद्योग के दो गुना बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन इसके साथ ही इसमें कर्मचारियों का पलायन जारी रहेगा। आईटी उद्योग बिना किसी ठोस उपाय के अपने कर्मचारियों को रोकने में असफल रहेगा।
कर्मचारियों के बीच किए गए एक सर्वे के अनुसार- 60 फीसदी कर्मचारियों ने कहा कि  कार्यस्थल का लचीलापन उन्हें एक कंपनी के साथ अधिक दिनों  तक बनाए रख  सकता है। 50 फीसदी  ने कहा कि कंपनियों को कैरियर के  ग्रोथ का  अवसर देना चाहिए। वहीं 27 फीसदी कर्मचारी एक कंपनी में अधिक दिनों तक काम करने के लिए कंपनी की कार्य संस्कृति को जिम्मेदार मानते है। उनका मानना है कि कंपनियों को अपनी कार्य संस्कृति  पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

First Published - September 29, 2022 | 8:24 PM IST

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