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कंपनियों के पूंजीगत खर्च की लागत बढ़ेगी

Last Updated- December 11, 2022 | 5:01 PM IST

उत्पादन क्षमता में इजाफे पर अरबों डॉलर झोंकने की योजना  बना रही भारतीय कंपनियों की फंड लागत में बढ़ोतरी होने वाली है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने रीपो दरों में शुक्रवार को 50 आधार अंकों का इजाफा कर दिया। आरबीआई ने शुक्रवार को संकेत दिया कि निवेश की गतिविधियां जोर पकड़ रही है और पूंजीगत सामान का उत्पादन मई में लगातार दूसरे महीने दो अंकों में बढ़ा। साथ ही जून में पूंजीगत सामान के आयात में भी मजबूती देखने को मिली। जुलाई में पीएमआई (मैन्युफैक्चरिंग) 8 महीने के उच्चस्तर पर पहुंच गई और पीएमआई सर्विसेज ने जुलाई में विस्तार का संकेत दिया, हालांकि यह जून के 11 साल के उच्चस्तर से नीचे आ गया। आरबीआई ने कहा, अहम यह है कि विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल अब लंबी अवधि के औसत से ऊपर है, जो अतिरिक्त क्षमता सृजन की खातिर नए निवेश की जरूरतों का संकेत देता है।
महामारी के कारण दो साल तक सुस्ती के बाद भारतीय कंपनियों ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने की ओर कदम बढ़ाए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा, बिड़ला, अदाणी और जिंदल समूह जैसे दिग्गज अक्षय ऊर्जा, सीमेंट क्षेत्र और पेंट्स में भारी निवेश कर रहे हैं। दूरसंचार सेवाओं की अग्रणी कंपनियां रिलायंस व भारती एयरटेल अगामी महीनों में 5जी सेवा शुरू करने पर निवेश की योजना बना रही हैं। कॉरपोरेट लीडर का कहना है कि उनके फंडों की लागत में काफी ज्यादा इजाफा होगा।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, आरबीआई के कदम का सबसे ज्यादा असर दरों के प्रति संवेदनशील रियल एस्टेट और दोपहिया क्षेत्र पर पड़ेगा, जहां  मांग घट सकती है क्योंकि आवास व वाहन कर्ज की दरें बढ़ेंगी।

First Published - August 6, 2022 | 2:16 AM IST

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