महंगे किराए से परेशान दिल्ली-मुंबई हवाई यात्रा करने वाले मुसाफिरों के लिए खुशखबरी है। किफायती किराए वाली एयरलाइंस गो एयर, इंडिगो, स्पाइस जेट और जेट लाइट अब यात्रियों को शून्य रुपये (मूल किराए में छूट) और मात्र एक रुपये के किराए पर यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
विमान कंपनियां इस सेवा की शुरुआत इस हफ्ते से करेंगी, जो सितंबर के अंत तक चलेगी। यात्रियों को दिल्ली-मुंबई रूट पर यात्रा करने के लिए अब केवल कर और सरचार्ज का भुगतान करना होगा, जो 3400 से 3600 रुपये के करीब आने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे मूल किराए में तकरीबन 1000 फीसदी की कमी आएगी।
इंडिगो के सीईओ ब्रूस एशबी का कहना है कि यह सुविधा छोटी अवधि के लिए ही दी जा रही है। उनका कहना है कि विमान कंपनियों के लिए यह ऑफ पीक सीजन माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में इस रूट पर यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
दिलचस्प यह कि बड़ी विमानन कंपनियां भी किराए में कमी का मन बना रही हैं। एयर इंडिया, जेट एयरवेज और किंगफिशर ने मूल किराए में 100 से 5000 रुपये की कमी की है। एक विमान कंपनी के अधिकारी ने बताया कि जुलाई माह में यात्रियों की संख्या में तकरीबन 10-15 फीसदी की कमी आई है। यही वजह है कि कंपनियों को यह कदम उठाना पड़ा है।
स्पाइस जेट के मुख्य व्यावसायिक अधिकारी एस. श्रीधरन का कहना है कि मुंबई-दिल्ली रूट पर यात्रियों की औसत संख्या में कमी आई है और आगे भी इसमें गिरावट आने की आशंका है। ऐसा इसलिए, क्योंकि किफाती विमानन कंपनियां भी इस रूट के लिए तकरीबन 5000 रुपये किराया वसूल रही हैं, जो सामान्य विमानन कंपनियों के लगभग बराबर है।
जानकारों का कहना है सामान्य विमानन कंपनियों में दिल्ली-मुंबई रूट पर ज्यादातर कॉरपोरेट यात्री सफर करते हैं। ऐसे में किराया बढ़ने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन किफायती विमान कंपनियों पर इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका है। श्रीधरन का कहना है कि दिल्ली-मुंबई रूट पर रोजाना 54 विमानों का परिचालन होता है, जिनमें 35 सामान्य विमान होते हैं। ऐसे में बड़ी कंपनियां तो उड़ानों की संख्या घटाने में सक्षम हैं, लेकिन किफायती विमानन कंपनियां ऐसा नहीं कर सकती हैं।