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टीआईएल चली परदेस की ओर

Last Updated- December 07, 2022 | 7:40 PM IST

टाटा समूह की प्रमोटर कंपनी टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड (टीआईएल) अंतरराष्ट्रीय कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी इस पर तकरीबन 1500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।


टीआईएल के प्रबंध निदेशक किशोर ए. चौकर ने यहां बताया, ‘हम सफल प्रौद्योगिकियों की तलाश कर रहे हैं। हम वहां उभरते व्यवसाय पर विचार कर सकते हैं।’  चौकर के मुताबिक पिछले दो साल में टीआईएल और टाटा संस ने विश्व भर में सौर ऊर्जा, औषधि खोज, अनुसंधान अनुबंध और जैव तकनीकी के क्षेत्र में किए गए नए प्रौद्योगिकी शोध पर 125 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

उन्होंने कहा कि टीआईएल ने ज्यूरिख के इंस्टीटयूट ऑफ पोलीटेक्नीक के लिए वित्तीय समर्थन में इजाफा किया है। इस इंस्टीटयूट में फ्लेक्सिबल फोटोवोल्टाइक सेल के विकास के लिए शोध किया जा रहा है। टीआईएल की योजना 2010 तक 120 मेगावाट वाले सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की है। इस पर 600 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

टीआईएल ने आईआईटी खड़गपुर और कानपुर के उन चार पेशेवरों को कोष मुहैया कराया है जो अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (यूएवी) के विकास में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने उनसे कहा है कि हम उन्हें 20 लाख रुपये देंगे। लेकिन वे 60 लाख रुपये की मांग कर रहे थे और हमने यह राशि उन्हें दे दी है।’

चौकर ने कहा कि एक शीर्ष रक्षा अधिकारी ने यूएवी का प्रोटोटाइप देखकर खरीदारी की पेशकश कर दी। तब इन आईआईटी पेशेवरों ने 5 करोड़ रुपये के और कोष की मांग की जिसे टीआईएल देने को तैयार भी हो गई है। अमेरिका में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का एक प्रोफेसर फ्लूइड टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है जिसके तहत कोई भी किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य प्रोफाइल के बारे में जान सकता है।

उन्होंने कहा, ‘इस प्रोफेसर के पास प्रौद्योगिकी है जिसमें और सुधार किए जाने की जरूरत है। यदि ऐसा है तो हम शर्तों और नियमों के आधार पर 1000 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकते हैं।’ दवा अनुसंधान के क्षेत्र में कंपनी ने तकरीबन 80 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

दवा अनुसंधान टीआईएल के मुख्य एजेंडे में शामिल है। यह अनुसंधान मधुमेह आदि के लिए बेहद उपयोगी है। टीआईएल ने बायोफार्मास्युटिकल कंपनी इंडीजेन में निवेश किया है जो मेटाबोलिक डिसफंक्शन के उपचार के लिए मोलीक्यूल विकसित कर रही है।

कंपनी ने तीन साल पहले 1600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन अब वह इस कर्ज भार से मुक्त हो चुकी है। चौकर ने बताया कि कंपनी ने फिलहाल आईपीओ लाने की भी कोई योजना नहीं बनाई है। इसके बजाय वह राइट इश्यू ला सकती है।

First Published - September 2, 2008 | 12:44 AM IST

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