शराब बनाने वाली ब्रिटेन की कंपनी डियाजिओ की सहायक इकाई यूनाइटेड स्पिरिट्स भारत में बिक्री बढ़ाने के लिए अपने प्रीमियम ब्रांडों पर ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी ने शुक्रवार को कम कीमत वाले अपने 32 ब्रांडों को 820 करोड़ रुपये में इनब्रू बेवरिजेस को बेचने और बिगपाइपर एवं ब्लू रीबैंड सहित 12 अन्य ब्रांडों की फ्रैंचाइजी देने की घोषणा की।
कंपनी की शुद्ध बिक्री में उसके महंगे उत्पादों का योगदान इसी साल मार्च में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान 72.5 फीसदी रहा। प्रेस्टीज ऐंड अबव नाम की इस श्रेणी ने 23.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जिसे मुख्य तौर पर देश भर में लॉकडाउन संबंधी पाबंधियों के खत्म होने से बल मिला।
विश्लेषकों का कहना है कि ब्लैक स्टालिन और हेवाड्र्स जैसे लोकप्रिय ब्रांड अब इनब्रू को बेच दिए गए हैं। इनकी कीमत 400 से 700 रुपये के दायरे में हैं और ये बाजार में निचली श्रेणी के उत्पाद हैं।
एक विश्लेषक ने कहा, ‘विजय माल्या से यूएसएल के अधिग्रहण के बाद से ही यूनाइटेड स्पिरिट्स भारत सरकार और माल्या के साथ विरासत संबंधी कई मुद्दों के साथ उलझी रही है। कंपनी ने एक साल पहले ब्रांड की समीक्षा शुरू की थी और उसके बाद अब इन ब्रांडों को बेचने का निर्णय लिया गया है।’
कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2022 में प्रीमियम ऐंड लक्जरी पोर्टफोलियो की रफ्तार प्रेस्टीज पोर्टफोलियो के मुकाबले तेज रही। इसे मुख्य तौर पर कंपनी द्वारा प्रीमियम पर जोर दिए जाने से बल मिला। स्कॉच पोर्टफोलियो के तहत जॉनी वॉकर, ब्लैक ऐंड व्हाइट, ब्लैक डॉग और जेऐंडबी ने दो अंकों में दमदार वृद्धि दर्ज की है।
इस लेनदेन में यूएसएल के मैकडॉवेल्स अथवा डायरेक्टर्स स्पेशल ब्रांड शामिल नहीं हैं। ये ब्रांड यूनाइटेड स्पिरिट्स के पास ही बरकरार रहेंगे।
वित्त वर्ष 2022 के लिए कंपनी ने 31,061 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ और 828 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया है। पिछले एक साल के दौरान कंपनी के मूल्यांकन को 13.3 फीसदी का झटका लगा है। शुक्रवार को कंपनी का बाजार पूंजीकरण 56,579 करोड़ रुपये था।
इनब्रू बेवरिजेस को बेचे गए कंपनी के लोकप्रिय ब्रांडों का शुद्ध बिक्री में योगदान 26.2 फीसदी रहा। डियाजिओ ने 2012 में 2.1 अरब डॉलर के एक सौदे के तहत यूनाइटेड स्पिरिट्स का अधिग्रहण किया था।