दुनिया की सबसे सस्ती कार नैनो के निर्माण संयंत्र को सिंगुर से हटाने की रतन टाटा की धमकी के बाद उत्तराखंड सरकार ने टाटा को वहां संयंत्र लगाने के लिए आमंत्रित किया है।
उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि अगर टाटा चाहें तो वह पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र में नैनो परियोजना शुरू कर सकते हैं। इसके लिए सरकार उन्हें जमीन के साथ ही सारी बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराएगी। टाटा पंतनगर में पहले ही एस ट्रक के निर्माण के लिए ही संयंत्र स्थापित कर चुकी है।
मुख्य सचिव इन्दु कांत पांडेय ने बताया कि उन्होंने टाटा के पदाधिकारियों के साथ नैनो परियोजना को उत्तराखंड में लगाने के बारे में बात की है। उन्होंने कहा, ‘हम इस बारे में टाटा मोटर्स के साथ एक बार फिर बात करेंगे। टाटा मोटर्स ने पंतनगर में 1,000 करोड़ रुपये की लागत से 75 टन वजन वाले एस ट्रक का निर्माण संयंत्र लगाया है।
इस संयंत्र में उत्पादन कार्य भी शुरू हो चुका है। इसी तरह की बात राज्य के उद्योग विभाग ने भी कही है। उत्तराखंड के उद्योग सचिव पी सी शर्मा ने कहा, ‘हम राज्य में नैनो परियोजना का स्वागत करेंगे क्योंकि इससे राज्य का काफी विकास भी होगा।’
शर्मा ने बताया कि सरकार टाटा को जमीन के साथ ही सभी बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराने के लिए तैयार है। कंपनी को पंतनगर में पहले ही 1000 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है लेकिन कंपनी 300 एकड़ और अधिक भूमि की मांग कर रही है। फिलहाल पंतनगर वाले संयंत्र की सालाना क्षमता 2.25 एस ट्रक बनाने की है। लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश कर टाटा की 75 सहायक कंपनियों ने भी इसी औद्योगिक परिसर में दुकानें खोल ली हैं।
टाटा मोटर्स ने केंद्रीय औद्योगिक पैकेज (सीआईपी) के तहत उत्पाद शुल्क के साथ ही और कई शुल्कों में छूट मिलने के कारण पंतनगर में संयंत्र लगाया था। अधिकारियों ने कहा कि टाटा मोटर्स के पास अभी भी काफी समय है क्योंकि सीआईपी 31 मार्च 2010 को समाप्त हो रहा है। एक अधिकारी ने कहा, ‘पंतनगर में संयंत्र लगाने के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। अब सिर्फ टाटा मोटर्स को यह फैसला करना है कि वह यहां संयंत्र लगाकर इन सुविधाओं का फायदा उठाना चाहती है या नहीं।’
कुछ दिनों पहले ही टाटा मोटर्स के अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि कंपनी पंतनगर समेत अपने सभी संयंत्रों से नैनो का उत्पादन कर सकती है। उत्तराखंड में टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, अशोक लीलैंड, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा और हीरो होंडा समेत सभी बड़ी ऑटो कंपनियों के निर्माण संयंत्र मौजूद हैं।