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वाहन कंपनियों को मिलेगी मदद

Last Updated- December 14, 2022 | 6:30 PM IST

सभी सेगमेंट में कारोबार बढ़ने से वाहन कंपनियों के परिचालन प्रदर्शन में सुधार आया है और सितंबर तिमाही में उनकी आय अच्छी रहने की संभावना है। सेमीकंडक्टर की किल्लत घटने से कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली और इससे उनका परिचालन काफी हद तक आसान हुआ है। प्रीमियम मॉडलों की पसंद बढ़ी और साथ ही कीमत वृद्धि से भी इन कंपनियों को अपना मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली।
ब्लूमबर्ग के आय अनुमानों के अनुसार, समेकित स्तर पर, वाहन कंपनियों (टाटा मोटर्स को छोड़कर) का शुद्ध लाभ जुलाई-सितंबर तिमाही में एक साल पहले के मुकाबले एक-चौथाई बढ़कर 6,388 करोड़ रुपये रहने की संभावना है। 
शुद्ध लाभ तिमाही आधार पर 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। शुद्ध बिक्री भी बड़े सुधार के साथ सालाना आधार पर 17 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। मोतीलाल ओसवाल की शोध रिपोर्ट में कहा गया है, ‘लगातार दूसरी तिमाही में हमें वाहन कंपनियों के ​लिए एबिटा मार्जिन सालाना आधार पर 310 आधार अंक तक और तिमाही आधार पर 130 आधार अंक तक सुधरने की संभावना है।’ कंपनियों को कच्चे माल की लागत में वृद्धि के बावजूद अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि और परिचालन दक्षता से मदद मिली।
ब्लूमबर्ग के अनुमानों के अनुसार, कार निर्माता मारुति सुजूकी द्वारा शानदार आय दर्ज किए जाने की संभावना है। मॉडलों के मिश्रण में सुधार से कंपनी की एबिटा 189.8 प्रतिशत तक बढ़कर 2,483 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है। समेकित आधार पर, टाटा मोटर्स सितंबर तिमाही में अपना नुकसान एक साल पहले की अव​धि के 5,007 करोड़ रुपये से घटाकर 1,167 करोड़ रुपये कर सकती है। 
शुद्ध बिक्री भी 14 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। बिक्री में सुधार को भारतीय व्यवसाय के सुधरते प्रदर्शन से मदद मिलेगी, भले ही जेएलआर पर दबाव बना हुआ है। येस सिक्योरिटीज द्वारा कंपनी के बारे में एक शोध रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि टाटा मोटर्स का समेकित राजस्व तिमाही आधार पर 13 प्रतिशत घटकर 62,408 करोड़ रुपये रहेगा। इसकी वजह यह है कि जेएलआर का राजस्व समान अव​धि में 4.4 अरब पौंड के साथ सपाट बने रहने का अनुमान है।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, बजाज ऑटो, अशोक लीलैंड और टीवीएस मोटर्स द्वारा शानदार आय दर्ज किए जाने की संभावना है, क्योंकि सभी सेगमेंट में व्यापक सुधार आया है। 
यात्री वाहन और वा​णि​ज्यिक वाहन निर्माताओं द्वारा दोपहिया कंपनियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किए जाने की संभावना है, दोपहिया सेगमेंट को कमजोर मांग से लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘पिछले तीन-चार साल में कई चुनौतियों के बाद अब ये समस्याएं दूर हो रही हैं। जहां मांग में सुधार न्यून आधार पर बने रहने का अनुमान है, वहीं जिंस कीमतें नीचे आने लगी हैं और इनका लाभ वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही से मिलने की संभावना है।’ ब्याज दरों में वृद्धि और कमजोर वै​श्विक परिदृश्य को मांग के लिए मुख्य चिंताजनक कारक माना जा रहा है।

First Published - October 14, 2022 | 9:49 PM IST

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