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नए मॉलेक्यूल लॉन्च में लाएंगे तेजी

Last Updated- December 11, 2022 | 5:08 PM IST

सवाल जवाब

बायोकॉन बायोलॉजिक्स के इंसुलिन ग्लार्जिन इंजेक्शन ने अमेरिका में जो बाजार हिस्सेदारी हासिल की है उससे कंपनी की अन्य प्रमुख दवाओं की कीमतों में गिरावट की आंशिक रूप से भरपाई हुई है। बायोकॉन बायोलॉजिक्स के प्रबंध निदेशक अरुण चंद्रवरकर ने सोहिनी दास से बातचीत में कहा कि कंपनी को लघु अव​धि में एबिटा की परवाह किए बिना आरऐंडडी में निवेश जारी रखना चाहिए। पेश हैं मुख्य अंश:

आपने अमेरिका में इंसुलिन ग्लार्जिन इंजेक्शन के लिए बाजार हिस्सेदारी हासिल की है। वित्त वर्ष 2023 के लिए क्या परिदृश्य है?
आपस में बदलने की ​स्थिति (सनोफी के लैंटस के साथ) से पहले उस बाजार में ग्लार्जिन के लिए हमें मंजूरी मिल चुकी थी लेकिन दवा विक्रेता प्रे​स्क्रिप्शन में बदलाव नहीं कर सकते हैं।  उस दौरान बाजार हिस्सेदारी निचले एकल अंक में थी। पिछले साल हमें आपस में बदलने का दर्जा मिला था और उसके बाद हम वास्तव में फॉर्मूलरी ​स्थिति ​हासिल करने के लिए समर्थ थे। ये चक्र आमतौर पर कैलेंडर वर्ष के अनुसार चलते हैं और इस साल जनवरी से हमें फॉर्मूलरी ​स्थिति हासिल हुई है। जनवरी में यह 3 फीसदी के दायरे में थी जो अब 9 फीसदी के पार पहुंच गई है और उसमें लगातार वृद्धि हो रही है। मैं समझता हूं कि वृद्धि अब जारी रहेगी। पिछली तिमाही में बाजार हिस्सेदारी 8 फीसदी थी जो अब बढ़कर 10 फीसदी तक पहुंच चुकी है। इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक बाजार हिस्सेदारी 15-16 तक पहुंच सकती है।

ट्रैस्टुज़ुमैब और पेगफिलग्रैस्टिम जैसी आपकी कुछ दवाओं की कीमतों में 25 से 35 फीसदी की गिरावट आई है। आगे क्या चुनौतियां हैं?
हमने नई दवाओं के लिए आवेदन किया है लेकिन यात्रा संबंधी प्रतिबंधों के कारण यूएसएफडीए का निरीक्षण नहीं हो पाया है। हम अगले महीने एक निरीक्षण की उम्मीद कर रहे हैं जिससे जेनेरिक बेवाकिजुमैब जैसी कुछ दवाओं के लिए रास्ता साफ हो जाएगा। साथ ही मधुमेह या इंसुलिन बाजार के विपरीत अमेरिका में ऑन्कोलॉजी बाजार अस्पताल चैनल के जरिये अलग तरीके से काम करता है। इसलिए इसकी बाजार हिस्सेदारी इंसुलिन की तरह तेजी से नहीं बढ़ती है ब​ल्कि यह एक धीमी लेकिन स्थिर प्रक्रिया है। जिस कंपनी के पास कैंसर की दवाओं का पूरा पोर्टफोलियो है उसे अस्पताल चैनल की बिक्री में बढ़त हासिल है। इसलिए यहां पोर्टफोलियो बनाना जरूरी है।

करीब 70 अरब डॉलर की बायोलॉजिक दवाओं के पेटेंट अगले पांच साल में खत्म होने की संभावना है। आप इसका फायदा उठाने के लिए क्या योजना बना रहे हैं?
हमारी कुल आरऐंडडी लागत अब राजस्व का 12 से 14 फीसदी होगी। भविष्य को सुर​क्षित करने के लिहाज से आरऐंडडी में निवेश विवेकपूर्ण एवं आवश्यक है। हालांकि ए​बिटा पर प्रभाव संबंधी उसका नुकसान अल्पकालिक है लेकिन दीर्घाव​धि में हमारे पास एक स्थायी पोर्टफोलियो होगा। हमारी अधिकांश संभावित दवाएं सार्वजनिक हैं और हम भविष्य के लिए करीब 20 बायोसिमिलर मॉलिक्यूल तैयार कर रहे हैं।

आरऐंडडी पर अ​धिक खर्च के साथ-साथ लागत को नियंत्रित रखने के लिए आप क्या योजना बना रहे हैं?
इस कारोबार में कीमतों में गिरावट के बीच लागत को प्रतिस्पर्धी बनाए रखना सफलता की कुंजी है। हम लागत को यु​क्तिसंगत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम लगातार अपनी क्षमता में सुधार करने, फालतू खर्च को कम करने, लागत घटाने, बड़े कारखानों में बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की कोशिश कर रहे हैं।
 

First Published - August 1, 2022 | 12:51 AM IST

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