ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म विंजो ने तकनीक की दिग्गज कंपनी गूगल के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। सूत्रों के मुताबिक गूगल ने हाल में लॉन्च किए गए अपने प्रोजेक्ट में धन कमाने के खेलों (रियल मनी गेमिंग) के ऐप्स को प्ले स्टोर पर रम्मी व डेली फैंटसी स्पोटर्स की श्रेणी तक सीमित कर दिया है।
इससे विंजो के धन कमाने के खेल (रियल मनी गेमिंग) पर बंदिशें लगी हैं। विंजो ने गूगल की इस नीति को व्यापार का अनुचित तरीका करार दिया है। सोशल गेमिंग के विंजो प्लेटफॉर्म ने प्ले स्टोर की हालिया नीति को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। आम लोगों की भाषा में खेल मुहैया कराने वाले इस प्लेटफॉर्म ने आरोप लगाया कि गूगल की नीति मनमानी, अनुचित व प्रतिबंध लगाने वाली है। साथ ही कौशल वाले कई गेमिंग प्लेटफॉर्म और स्वतंत्र रूप से ऐसे खेल विकसित करने वालों को मौका नहीं देती है।
गूगल प्ले ने एक साल की प्रायोगिक परियोजना के तहत 28 सितंबर से भारत और भारतीय उपयोगकर्ताओं को डीएफएस और रमी के ऐप की स्वीकृति दे दी है। तकनीक की दिग्गज गूगल ने डीएफएस को ऐसे खेलों के रूप में परिभाषित किया है जिसमें प्रतियोगी खिलाड़ियों के ज्ञान और खेल की घटनाओं का उपयोग करता है।
गूगल रमी को कार्ड के ऐसे सेट के रूप में परिभाषित करता है जिसमें खिलाड़ी को रणनीतियों, खेल के दौरान डाले जा चुके कार्ड को याद रखना होता है और वैध कार्डों को व्यवस्थित / सिलसिलेवार ढंग से लगाना होता है। हालांकि गूगल ने अभी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने पुष्टि की है कि कंपनी को नोटिस मिल चुका है। गूगल के एक एक्जीक्यूटिव ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, ‘यह पायलट प्रोजेक्ट का शुरुआती चरण है। फैंटसी गेम्स ऐप की सुरक्षा की चिंता के कारण इन दो श्रेणियों को शामिल किया गया है।’
विंजो गेम्स की सहसंस्थापक सौम्या सिंह राठौर ने कहा, ‘गूगल मार्केट का लीडर है। यह गूगल की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष, उचित और गैरभेदभावपूर्ण तरीके से कार्य करे। इस उद्योग को समझने के जुड़ाव का कोई प्रयास नहीं किया गया है। ऐसे भेदभाव व मनमाने वर्गीकरण से होने वाले प्रभाव का कोई आकलन नहीं किया गया है।’