सोनी एंटरटेनमेंट के साथ अपने परिचालन के विलय के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की मंजूरी हासिल करने के लिए ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज आयोग के साथ बातचीत कर रही है। ज़ी ने टीवी व्यूअरशिप बाजार हिस्सेदारी के आंकड़ों का हवाला दिया है जिससे पता चलता है कि विलय के बाद गठित इकाई के पास टीवी दर्शकों की संख्या काफी कम होगी और इससे अत्यधिक नियंत्रण जैसी स्थिति को बढ़ावा नहीं मिलेगा।
ज़ी ने मार्च 2022 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए अपना टीवी व्यूअरशिप बाजार भागीदारी आंकड़ा सौंप दिया है और मौजूदा वित्त वर्ष 2023 के लिए अब तक के आंकड़े से पता चलता है कि हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट, हिंदी मूवीज, बांग्ला और मराठी के विलय से संबंधित चार चैनलों की भागीदारी मार्च 2021 में समाप्त वित्त वर्ष के मुकाबले घटी है। इस आंकड़े का इस्तेमाल सीसीआई द्वारा ज़ी, सोनी विलय सौदे की समीक्षा के लिए इस्तेमाल किया गया है।
मौजूदा वित्त वर्ष 2023 के लिए बार्क आंकड़े के अनुसार, विलय से गठित इकाई की हिंदी जीईसी सेगमेंट में 36 प्रतिशत टीवी व्यूअरशिप बाजार भागीदारी, हिंदी मूवी चैनलों में 33 प्रतिशत भागीदारी है। उद्योग के एक अधिकारी के अनुसार, बांग्ला जीईसी में टीवी व्यूअरशिप बाजार भागीदारी 38 प्रतिशत और मराठी जीईसी में में 26 प्रतिशत है। मार्च 2022 में समाप्त पूरे वित्त वर्ष में विलय से गठित इकाई की हिंदी जीईसी सेगमेंट में 39 प्रतिशत और हिंदी फिल्मों में 38 प्रतिशत भागीदारी थी। बार्क के अनुसार, बांग्ला जीईसी में, संयुक्त इकाई की 38 प्रतिशत और मराठी जीईसी में 31 प्रतिशत भागीदारी भागीदारी थी।
डीएसके लीगल में पार्टनर अब्दुल्ला हुसैन ने कहा, ’40 प्रतिशत (बाजार भागीदारी) जैसा कोई नियम नहीं है। यह कॉम्बिनेशन के आकलन के समय सीसीआई द्वारा अपनाया गया सांकेतिक मानक है। हालांकि जब संयुक्त बाजार भागीदारी 40 प्रतिशत से अधिक भी हो तो सीसीआई आखिरकार बगैर कोई बदलाव किए सौदे को मंजूरी देने का निर्णय ले सकता है। ‘ लेकिन वकीलों का कहना है कि यदि विलय से नई इकाई में 40 प्रतिशत से अधिक बाजार भागीदारी की वजह से दबदबे या अत्यधिक नियंत्रण जैसी स्थिति पैदा होती है तो मामले की जांच की जाएगी। वकीलों का कहना है कि यदि सौदे (सोनी या ज़ी द्वारा चार चैनलों में बड़ी हिस्सेदारी बेचने समेत) की मंजूरी के लिए खास बदलाव किए जाते हैं, तो जी-सोनी विलय के लिए सीसीआई स्वीकृति मिल सकती है।
कॉरपोरेट लॉ फर्म जेएसए में प्रैक्टिस, कम्प्टीशन लॉ के पार्टनर एवं प्रमुख वैभव चौकसी ने कहा, ‘सीसीआई यह जांच करेगा कि क्या विलय से गठित कंपनी बाजार में प्रतिस्पर्धा घटाएगी या क्या अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियां उस पर पर्याप्त प्रतिस्पर्धी दबाव बनाए रख सकेंगी।’
वकीलों का कहना है कि संयुक्त ज़ी-सोनी इकाई के पास विभिन्न श्रेणियों के 75 से ज्यादा चैनल होंगे। पिछले साल दिसंबर में, सोनी और ज़ी ने अपने टेलीविजन चैनलों, फिल्म ऐसेट्स और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्मों का विलय करने का निर्णय लिया था।