facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

16th Finance Commission: वित्त आयोग के 3 पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त, SBI के Group CEA होंगे पार्ट टाइम मेंबर

Advertisement

16th Finance Commission : सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पानगड़िया को समिति का चेयरमैन और सरकारी अधिकारी ऋत्विक रंजनम पांडेय को सचिव नियुक्त किया है।

Last Updated- January 31, 2024 | 10:43 PM IST
FinMin to constitute 16th Finance Commission this year

सरकार ने बुधवार को 16वें वित्त आयोग के 3 पूर्णकालिक और 1 अंशकालिक सदस्य की नियुक्ति कर दी है। आयोग का गठन 31 दिसंबर 2023 को किया गया था।

नियुक्त किए गए पूर्णकालिक सदस्यों में 15वें वित्त आयोग के सदस्य रहे पूर्व व्यय सचिव अजय नारायण झा, व्यय की पूर्व विशेष सचिव एनी जॉर्ज मैथ्यू और अर्थ ग्लोबल के कार्यकारी निदेशक निरंजन राजाध्यक्ष शामिल हैं।

भारतीय स्टेट बैंक के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष को 16वें वित्त आयोग का अंशकालिक सदस्य बनाया गया है।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, ‘16वें वित्त आयोग से 31 अक्टूबर 2025 तक सिफारिशें देने को कहा गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से 5 साल के लिए लागू होंगी।’

सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पानगड़िया को समिति का चेयरमैन और सरकारी अधिकारी ऋत्विक रंजनम पांडेय को सचिव नियुक्त किया है।

वित्त आयोग संवैधानिक निकाय है। इसकी नियुक्ति हर 5 साल पर होती है, जो केंद्र व राज्यों व राज्य व स्थानीय निकायों के बीच कर के बंटवारे पर सिफारिश देता है।

इस समय भारत सरकार केंद्र के करों में से 41 प्रतिशत राज्यों के साथ साझा करती है, जिसकी सिफारिश15वें वित्त आयोग ने की थी। आयोग आपदा प्रबंधन के वित्तपोषण की मौजूदा व्यवस्था की भी समीक्षा करेगा।

Advertisement
First Published - January 31, 2024 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement