facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

माल ढुलाई राजस्व में 19 फीसदी की बढ़ोतरी

Last Updated- December 11, 2022 | 3:57 PM IST

 रिकॉर्ड बिजली की मांग को पूरा करने के लिए कोयले की आपूर्ति में वृद्धि के कारण अगस्त में रेलवे को माल ढुलाई से 12,926 करोड़ रुपये की आय हुई है। पिछले महीने राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने 1.19 करोड़ टन माल और कच्चा सामान की ढुलाई की, जिससे सालाना 7.9 फीसदी की वृद्धि, यहां तक बाढ़ और भारी बारिश के कारण कोयला उत्पादन राज्यों और रेलवे के बुनियादी ढांचा तक को नुकसान झेलना पड़ा।
 इस वित्त वर्ष में माल ढुलाई से भारतीय रेल ने 66,658 करोड़ रुपये की कमाई की है। एक अधिकारी के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस साल अगस्त में रेलवे की माल ढुलाई में 8 फीसदी की वृद्धि हुई और इससे राजस्व भी 18.9 फीसदी बढ़ा। अगस्त में कोयला की लदान में 20 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई क्योंकि इस महीने रेलवे 5.8 करोड़ टन कोयले की ढुलाई की, जो पिछले वर्ष 4.8 करोड़ टन से बढ़ गई।
अकेले लंबी दूरी के परिवहन ने अगस्त के दौरान कोयला माल ढुलाई में 42 फीसदी राजस्व की मदद की और इस वित्त वर्ष में अबतक करीब 39 फीसदी की वृद्धि की। सूत्रों ने बताया कि आयातित और तटीय रूप से भेजे गए कोयले ने भी माल ढुलाई राजस्व में योगदान दिया। पिछले वर्ष की तुलना में माल ढुलाई में वृद्धि हुई है, लेकिन इस वित्त वर्ष के लिए रेलवे के तय लक्ष्य 170 करोड़ टन से यह पीछे है। एक अधिकारी ने बताया, ‘लक्ष्य हासिल करने के लिए आगामी महीनों में 15 करोड़ टन लक्ष्य हासिल करने की जरूरत है।’ रेलवे की दूसरी बड़ी वस्तु लौह-अयस्क जो लगातार नीचे जा रही है,  परिवहन 7 फीसदी गिरावट के साथ 1.24 करोड़ टन रहा। 

First Published - September 4, 2022 | 10:28 PM IST

संबंधित पोस्ट