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जीडीपी का अग्रिम अनुमान रह सकता है 8.6 प्रतिशत

Last Updated- December 11, 2022 | 9:05 PM IST

वित्त वर्ष 22 के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के लिए दूसरा अग्रिम अनुमान 28 फरवरी को आने वाला है। इसमें चालू वित्त वर्ष की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रह सकती है, जो पहले अग्रिम अनुमान में 9.2 प्रतिशत थी। इंडिया रेटिंग्स ने आज यह कहा है।
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक वृद्धि दर कम किए जाने की संभावित वजह वित्त वर्ष 21 की जीडीपी के संकुचन में हाल का बदलाव है, जिसे 7.3 प्रतिशत गिरावट से 6.6 प्रतिशत गिरावट कर दिया गया है।
एजेंसी ने कहा, ‘इंडिया रेटिंग्स के अनुमान से संकेत मिलता है कि दूसरे अग्रिम अनुमान में वित्त वर्ष 22 की वास्तविक जीडीपी 147.2 लाख करोड़ रुपये रह सकती है। यह वित्त वर्ष 22 में पिछले साल की तुलना में 8.6 प्रतिशत वृद्धि होगी, जबकि 7 जनवरी को 9.2 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। वृद्धि अनुमान घटाए जाने की प्रमुख वजह राष्ट्रीय आय के पहले संशोधित अनुमान में वित्त वर्ष 21 का जीडीपी बढ़ाकर 135.6 लाख करोड़ रुपये किया जाना है।’
इंडिया रेटिंग्स ने कहा कि संशोधित अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 20 की जीडीपी वृद्धि अब 3.7 प्रतिशत है, जो पहले 4 प्रतिशत थी। इसके अलावा वित्त वर्ष 19 में जहां जीडीपी वृद्धि 6.5 प्रतिशत पर बनी हुई है, वहीं मांग के पक्ष में जीडीपी चालकों की वृद्धि दर में बदलाव आया है।

First Published - February 23, 2022 | 11:26 PM IST

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