आर्थिक मोर्चे पर अनिश्चितता में कमी का हवाला देते हुए बोफा सिक्योरिटीज ने इस महीने दूसरी बार निफ्टी का लक्ष्य बढ़ाया है।
ताजा रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने कहा है, हमें उम्मीद है कि इस कैलेंडर वर्ष में निफ्टी 17,000 से 19,500 के दायरे में कारोबार करेगा और यह 18,500 पर टिका रह सकता है। ऐसे में आधारभूत स्तर मौजूदा स्तर से 7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। 11 अगस्त को बोफा ने निफ्टी का लक्ष्य 14,500 से बढ़ाकर 15,600 कर दिया था।
अमिष शाह की अगुआई में रणनीतिकारों के हालिया नोट में कहा गया है, जब जैकसन होल का भाषण खत्म हुआ तो कैलेंडर वर्ष 2022 के ज्यादातर आर्थिक घटनाक्रम या तो अपना असर दिखा चुका थे या फिर उनमें स्पष्टता नजर आने लगी। इसके अलावा भारत में नवंबर 2023 तक कुछ राज्यों मसलन गुजरात, कर्नाटक आदि में चुनाव होने हैं, जो सुधार जारी रहने का संकेत दे रहा है।
ब्रोकरेज ने हालांकि निफ्टी की आय अनुमान में और कमी की संभावना से इनकार नहीं किया। इसमें कहा गया है, हमारी मुख्य चिंता यह है कि वित्त वर्ष 23/24 के लिए आमसहमति वाली निफ्टी की आय अनुमान में कटौती की गई है और अब यह बोफा के मुताबिक है।
हम कमजोर वैश्विक हालात के प्रभाव के तौर पर आय में और गिरावट की आशंका जता रहे हैं और वित्त वर्ष 23 की बाकी अवधि में निफ्टी के लाभ का उच्च आधार रह सकता है। लेकिन जिंस व तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद अल्पावधि में निफ्टी के लाभ में तेजी से गिरावट की संभावना नहीं के बराबर है। देसी साइक्लिकल व सुरक्षात्मक शेयरों पर अपनी प्राथमिकता बनाए हुए हैं। बोफा ने कहा, पांच आर्थिक कारक अल्पावधि में आय पर जोखिम खड़ी कर सकते हैं। ये हैं वैश्विक वृद्धि में नरमी, कच्चे तेल की ऊंची कीमत, उच्च ब्याज दर, मुद्रा ह्रास और सरकारी नीतियां।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कैलेंडर वर्ष 23 में निफ्टी की आय 923 रुपये रहेगी।