‘भव्य’ योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के मकसद से बुधवार को 33,660 करोड़ रुपये की ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ (भव्य) को मंजूरी दी, जिसके तहत देशभर में 100 ‘प्लग-एंड-प्ले’ इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल से देश में विश्वस्तरीय इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को गति मिलेगी। ‘भव्य’ योजना के तहत 100 एकड़ से लेकर 1,000 एकड़ तक के इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
Also Read: रुपया रिकॉर्ड लो पर: डॉलर के मुकाबले 92.63 पर बंद, आपकी जेब पर कितना असर
‘प्लग-एंड-प्ले’ पार्क विकसित ढांचे वाले औद्योगिक क्षेत्र होते हैं जहां कंपनियां लंबी तैयारी के बगैर तुरंत ही उत्पादन या संचालन शुरू कर सकती हैं। इन पार्कों में आंतरिक सड़कें, भूमिगत उपयोगिताएं, पानी-निकासी, अवशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, तैयार फैक्ट्री शेड, किसी खास कंपनी की जरूरत के हिसाब से डिजाइन एवं तैयार ‘बिल्ट-टू-सूट’ इकाइयां, परीक्षण प्रयोगशालाएं, गोदाम और श्रमिकों के लिए आवास जैसी मूल्यवर्धित सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
वैष्णव ने कहा कि इन इंडस्ट्रियल पार्कों में बाहरी बुनियादी ढांचे के लिए परियोजना लागत का 25 फीसदी तक समर्थन दिया जाएगा, ताकि संपर्क सुविधा बेहतर हो सके। इस योजना के तहत परियोजनाओं का चयन ‘चैलेंज मोड’ के जरिये किया जाएगा, ताकि केवल निवेश के लिए तैयार एवं सुधारोन्मुख प्रस्तावों को ही आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत विकसित औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता को आधार बनाते हुए ‘भव्य’ योजना को राज्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले से स्वीकृत भूमि, तैयार बुनियादी ढांचे और एकीकृत सेवाओं के साथ ‘भव्य’ योजना निवेशकों के लिए प्रवेश संबंधी बाधाओं को काफी हद तक कम करेगी।
Also Read: सोने की चमक फीकी, इक्विटी में सावधानी: फरवरी में निवेशकों का मूड बदला, क्या संकेत दे रहे हैं आंकड़े?
इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। साथ ही, यह पहल एमएसएमई, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और वैश्विक निवेशकों को तैयार औद्योगिक ढांचा उपलब्ध कराकर निवेश को आकर्षित करेगी।
सरकार के मुताबिक, ये इंडस्ट्रियल पार्क ‘पीएम गतिशक्ति’ सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे, जिनमें ग्रीन एनर्जी, सतत संसाधन उपयोग और बहु-स्तरीय संपर्क सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल क्लस्टर-आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को गति देने में भी मददगार होगी।
(PTI इनपुट के साथ)