Windfall Tax: केंद्र सरकार ने घरेलू कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है, जबकि डीजल और ATF (एविएशन टरबाइन फ्यूल) पर विंडफॉल टैक्स (Levy) में कटौती की है। मंगलवार को वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन में यह जानकारी दी गई।
वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, केंद्र सरकार ने बुधवार से पेट्रोलियम कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को 9,050 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 9,800 भारतीय रुपये ($117.70) प्रति टन कर दिया है। इस तरह से देश में निकाले जा रहे क्रूड ऑयल पर टैक्स में 750 रुपये का इजाफा हुआ है।
क्रूड ऑयल पर विंडफॉल टैक्स 9,050 रुपये प्रति टन से बढ़ा कर 9,800 रुपये प्रति टन किया गया है। यानी की क्रूड ऑयल पर टैक्स में 750 रुपये का इजाफा हुआ है। इससे पहले सरकार ने 18 अक्टूबर को क्रूड ऑयल पर विंडफॉल टैक्स को 12,100 रुपये प्रति टन से घटाकर 9,050 रुपये प्रति टन किया था।
ATF पर लेवी 1 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई है।
डीजल पर लेवी 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
नोटिफिकेशन के मुताबिक, पेट्रोल के निर्यात को विंडफॉल टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। आपको बता दें कि सरकार हर 15 दिन पर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। बाजार में चल रही तेल की कीमतों के आधार पर ही इसकी समीक्षा की जाती है।
भारत सरकार ने पिछले साल जुलाई में कच्चे तेल उत्पादकों पर विंडफॉल टैक्स लगाया था। इसके साथ ही गैसोलीन, डीजल और विमानन ईंधन के निर्यात पर लेवी बढ़ा दी थी क्योंकि निजी रिफाइनरी स्थानीय स्तर पर बेचने के बजाय विदेशी बाजारों में मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन से लाभ कमाना चाहते थे।