facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

नौ साल में हुआ 50 हजार किलोमीटर नैशनल हाईवे का निर्माण

Advertisement
Last Updated- April 23, 2023 | 4:07 PM IST
Highways

देश में पिछले नौ साल में लगभग 50,000 किलोमीटर नैशनल हाईवे का निर्माण हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। देश में 2014-15 में नैशनल हाईवे कुल 97,830 किलोमीटर था, जो मार्च, 2023 तक बढ़कर 1,45,155 किलोमीटर हो गया है।

आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 में प्रतिदिन 12.1 किलोमीटर सड़क निर्माण से 2021-22 में देश में सड़क निर्माण की रफ्तार बढ़कर 28.6 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है। सड़क और राजमार्ग की किसी देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सड़क परिवहन न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक विकास, रक्षा क्षेत्रों के साथ-साथ जीवन की बुनियादी चीजों तक पहुंच का आधार है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रति वर्ष लगभग 85 फीसदी यात्री और 70 फीसदी माल ढुलाई सड़क मार्ग से होती है। इससे राजमार्गों के महत्व का पता चलता है। भारत में लगभग 63.73 लाख किमी सड़क नेटवर्क है, जो दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है।

नैशनल हाईवे माल और यात्रियों की कुशल आवाजाही, लोगों को जोड़ने और आर्थिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाकर देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत सरकार ने देश में नैशनल हाईवे ढांचे की क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले नौ साल में कई कार्यक्रम लागू किए हैं।

Also Read: बिजली सब्सिडी और इसकी निगरानी को लेकर केंद्र को रिपोर्ट देंगी Discom

भारतमाला परियोजना के तहत 1,386 किलोमीटर के देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi–Mumbai Expressway) का विकास किया जा रहा है, जिसका दिल्ली-दौसा-लालसोट सेक्टर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित कर चुके हैं।

Advertisement
First Published - April 23, 2023 | 4:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement