अर्थव्यवस्था

युद्धविराम के बीच क्या फिर पहले जैसा सस्ता होगा तेल? एनालिस्ट ने बताई पूरी तस्वीर

सीजफायर के बाद कीमतों में नरमी, लेकिन सप्लाई संकट के कारण तेल के दाम ऊंचे बने रहने की आशंका

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 09, 2026 | 8:32 AM IST

Crude Oil Price Outlook: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि कीमतें अब भी युद्ध से पहले के स्तर से ऊपर बनी रह सकती हैं। मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट मोहम्मद इमरान के मुताबिक, यह पहली बार है जब 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए सैन्य संघर्ष में कोई बड़ी नरमी देखने को मिली है।

Brent Crude Oil 128 डॉलर से गिरकर 93–95 डॉलर पर आया

इमरान बताते हैं कि ब्रेंट क्रूड की कीमत 2 अप्रैल को करीब 128 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर 93 से 95 डॉलर के बीच आ गई है। उन्होंने कहा कि हमलों में कमी आने से “कन्फ्लिक्ट प्रीमियम” घटा है, लेकिन सप्लाई चेन को हुए नुकसान की वजह से कीमतें अभी भी ऊंची बनी रहेंगी।

मिडिल ईस्ट में बड़ा संकट, 1973 के बाद सबसे बड़ा असर

इमरान के अनुसार, यह संघर्ष धीरे-धीरे बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल गया। ईरान ने खाड़ी देशों (GCC) के ऊर्जा ढांचे, जहाजों और अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। उन्होंने कहा कि यह 1973 के तेल संकट के बाद सबसे बड़ा झटका है। इमरान ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल की कीमतों में करीब 60 प्रतिशत तक उछाल आया है और यह अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से लगभग 35 प्रतिशत ऊपर है। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक विकास दर पर 0.20 से 0.30 प्रतिशत तक असर पड़ सकता है और महंगाई में 0.70 से 0.90 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद, Crude Oil सप्लाई पर बड़ा असर

इमरान के मुताबिक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से खाड़ी देशों के तेल उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा। तेल निर्यात नहीं हो पाने के कारण उत्पादन कम करना पड़ा। उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल 2026 को जारी ईआईए (EIA) की रिपोर्ट में सप्लाई और मांग के अनुमान में बड़ा बदलाव किया गया है, क्योंकि यह संकट उम्मीद से ज्यादा लंबा चला। इमरान का मानना है कि भले ही अभी कीमतों में थोड़ी राहत दिख रही हो, लेकिन आने वाले समय में Crude Oil की कीमतें युद्ध से पहले के स्तर पर लौटना मुश्किल है।

(यह लेख मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट मोहम्मद इमरान की राय पर आधारित है। निवेश संबंधी फैसले लेने से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें)

First Published : April 9, 2026 | 8:32 AM IST