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तीन प्रतिशत रह सकता है करेंट अकांउट डेफिसिट, 750 अरब डॉलर का हो सकता है निर्यात

Last Updated- December 11, 2022 | 3:28 PM IST

रिजर्व बैंक की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट इस वित्त वर्ष में 3 प्रतिशत तक रह सकता है। पिछले वित्त वर्ष में यह 1.2 प्रतिशत था। रिपोर्ट के अनुसार भारत का ट्रेड डेफिसिट लगातार बढ़ रहा है जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट पर बोझ बढ़ता जा रहा है। भारत का व्यापार घाटा भी लगातार बढ़ रहा है। बीते पांच महीने में यह बढ़कर 124.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
750 अरब डॉलर का निर्यात
समाचार वेबसाइट जी बिजनेस के मुताबिक भारत का निर्यात इस वित्त वर्ष में 750 अरब डॉलर के पास पहुंच सकता है।  रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत के एक लेख के अनुसार भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट 3 प्रतिशत के भीतर रहने का अनुमान है। विदेशी निवेशकों की लिवाली और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मजबूत होने से घाटे का वित्तपोषण हो सकता है। हालांकि केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि यह विचार लेखक के हैं। यह रिजर्व बैंक का विचार नहीं दर्शाता है।
क्रूड ऑयल, ATF, diesel के निर्यात पर घटाया विंडफॉल टैक्स
इस बीच सरकार ने कच्चे तेल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) और डीजल के निर्यात पर शुल्क और टैक्स को कम करते हुए विंडफॉल टैक्स यानी अप्रत्याशित लाभ कर घटा दिया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर टैक्स 13,300 रुपये से घटाकर 10,500 रुपये प्रति टन कर दिया है। यह कदम सितंबर में क्रूड की भारतीय बास्केट में गिरावट के बाद उठाया गया है। यह अब औसतन 92.53 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।  वहीं पिछले महीने (अगस्त ) में क्रूड 97.40 डॉलर प्रति बैरल था।

First Published - September 17, 2022 | 8:33 PM IST

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