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चीन में घटता FDI भारत में ग्लोबल निवेश बढ़ने का हो सकता है संकेत

भारत में FDI में गिरावट, लेकिन ग्रीनफील्ड निवेश की उम्मीद

Last Updated- November 08, 2023 | 4:49 PM IST
इकनॉमिक सर्वे में चीन से FDI बढ़ाने की वकालत, Economic Survey 2024: Economic Survey advocates increasing FDI from China

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में सामान्य गिरावट देखी गई है, लेकिन ग्रीनफील्ड निवेश (नए निवेश) की उम्मीद है, क्योंकि चीन को पहली बार तिमाही FDI घाटे का सामना करना पड़ रहा है। यह जानकारी ET में छपी खबर के हवाले से आई है।

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) का कहना है कि भारत नए निवेश के मामले में टॉप तीन में है, जिससे पता चलता है कि वह नये प्रोजेक्ट के लिए ग्लोबल फंड आकर्षित कर रहा है।

पिछले 1 साल में FDI में गिरावट

अप्रैल से अगस्त तक, भारत में शुद्ध विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) गिरकर 2.99 बिलियन डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 18.03 बिलियन डॉलर था। भारतीय रिजर्व बैंक के अक्टूबर 2023 बुलेटिन से पता चलता है कि मौजूदा साल के लिए भारत में FDI 7.28 बिलियन डॉलर है, जो 2022 की समान अवधि में 22.79 बिलियन डॉलर से कम है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि नीति निर्माताओं को 2024 तक इन्वेस्टमेंट फ्लो में वृद्धि की उम्मीद है। यह आशावाद विदेशी निवेशकों के लिए अधिक स्वागत योग्य माहौल बनाने के भारत के प्रयासों के कारण भी है, क्योंकि दुनिया भर के देश चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाह रहे हैं। यह कदम अंतरराष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग और व्यापार नेटवर्क का अधिक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने के भारत के चल रहे प्रयासों के अनुरूप भी है।

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भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में FDI का विकल्प बनने की तलाश रहा संभावना 

बिजनेस स्टैंडर्ड ने पहले रिपोर्ट किया था, जिसमें वित्तीय सेवा सेक्रेटरी विवेक जोशी ने जिक्र किया था कि सहायक सरकारी उपायों के कारण भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिए टॉप विकल्प बन रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते यह घोषणा की कि भारत में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को पिछले नौ सालों में FDI में 50,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसके कारण प्रोसेस्ड फूड एक्सपोर्ट में 150% की वृद्धि हुई है।

अक्टूबर में, DPIIT सेक्रेटरी, राजेश कुमार सिंह ने जिक्र किया कि सरकार भारत के स्पेस सेक्टर के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नियमों को आसान बना सकती है। उन्होंने कहा कि भारत ने कुछ रणनीतिक क्षेत्रों को छोड़कर, बड़े पैमाने पर FDI को खोल दिया है।

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, जुलाई से सितंबर तक चीन के विदेशी निवेश में हालिया कमी उसकी अर्थव्यवस्था में जनसंख्या मुद्दे, वित्तीय चुनौतियां और रियल एस्टेट समस्याओं जैसी प्रोब्लम को दर्शाती है। भारत इन मुद्दों से लाभान्वित हो सकता है क्योंकि निवेशक विकल्प तलाश रहे हैं।

First Published - November 8, 2023 | 4:49 PM IST

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