facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

टमाटर की कीमतों में गिरावट से सितंबर में 17% सस्ती हुई वेज थाली, नॉन वेज थाली के भी दाम घटे

Advertisement

क्रिसिल उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित इनपुट कीमतों के आधार पर घर पर थाली तैयार करने की औसत लागत की गणना करता है।

Last Updated- October 05, 2023 | 3:51 PM IST
Tomato Price: General public got relief from tomato inflation, prices fell by 22.4 percent in a month आम जनता को टमाटर की महंगाई से मिली राहत, एक महीने में कीमतों में आई 22.4 प्रतिशत की गिरावट

भारत में वेज थाली की कीमत अगस्त की तुलना में सितंबर में 17 फीसदी कम हो गई है। टमाटर की कीमतों में नरमी इसकी मुख्य वजह रही। गुरुवार को क्रिसिल द्वारा जारी “रोटी राइस रेट” रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई। वहीं, एक साल पहले की समान अवधि (सितंबर 2022) से तुलना करने पर वेज थाली की कीमत 1 फीसदी कम रही।

टमाटर की कीमतों में आई नरमी

अगस्त 2022 की तुलना में अगस्त 2023 में वेज थाली की कीमत में आश्चर्यजनक रूप से 24 फीसदी की वृद्धि हुई थी, जिसका मुख्य कारण टमाटर की कीमतों में 176 फीसदी की वृद्धि थी। सितंबर में टमाटर की कीमतें 62 फीसदी गिरकर 39 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं, जबकि अगस्त में यह 102 रुपये प्रति किलोग्राम थीं। एक वेज थाली में आमतौर पर रोटी, सब्जियां (प्याज, टमाटर और आलू), चावल, दाल, दही और सलाद शामिल होता है।

क्रिसिल उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित इनपुट कीमतों के आधार पर घर पर थाली तैयार करने की औसत लागत की गणना करता है। मासिक बदलाव से आम आदमी के खर्च पर असर दिखता है। डेटा से अनाज, दालें, ब्रॉयलर, सब्जियां, मसाले, खाद्य तेल और रसोई गैस सहित उन सामग्रियों का भी पता चलता है, जो थाली की कीमत में बदलाव लाते हैं।

Also read: LPG Subsidy: उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए खुशखबरी, अब 900 रुपये का गैस सिलेंडर 600 रुपये में मिलेगा

LPG गैस सिलेंडर और मिर्च के दाम में कमी से भी सस्ती हुई वेज थाली

वेज थाली की कीमत में कमी LPG गैल सिलेंडर की कीमतों में कमी से भी प्रभावित हुई। सितंबर में LPG गैस सिलेंडर की कीमत 903 रुपये थी, जबकि अगस्त में इसकी कीमत 1,103 रुपये थी। इस तरह से सितंबर में गैस की कीमत 200 रुपये से ज्यादा कम है।

वेज थाली की कीमत में गिरावट में योगदान देने वाला एक अन्य कारक सितंबर में मिर्च की कीमतों में मासिक आधार पर 31 फीसदी की गिरावट थी। हालांकि, प्याज की कीमतों में मासिक आधार पर 12 फीसदी की वृद्धि हुई, जिससे वेज थाली की लागत में आई कमी की कुछ हद तक भरपाई हुई। एजेंसी के मुताबिक, खरीफ सीजन में अपेक्षित उत्पादन कम होने के कारण आने वाले महीनों में प्याज की कीमतें ऊंची रहने की आशंका है।

9 फीसदी सस्ती हुई नॉन वेज थाली

टमाटर की कीमतों में नरमी की वजह से नॉन वेज थाली की कीमत सितंबर में मासिक आधार पर 9 फीसदी कम हो गई। हालांकि, ब्रॉयलर की कीमतों में 2 से 3 फीसदी की वृद्धि नॉन वेज थाली की लागत में आई कमी की कुछ भरपाई करती है। नॉन वेज थाली की कुल लागत में चिकन की हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा होती है। नॉन वेज थाली में दाल की जगह पर चिकन को रखा गया है।

Advertisement
First Published - October 5, 2023 | 3:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement