इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित बैटरी समेत सभी अतिरिक्त सुरक्षा संबंधी जरूरी मानकों को तत्काल प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता है। ईवी निर्माताओं का कहना है कि इसे केवल चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से ही लागू किया जा सकता है। भूतल परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी अधिसूचना के मसौदे के अनुसार ये नए मानक 1 अक्टूबर से लागू किए जाने हैं।
अलबत्ता इनमें से अधिकतर निर्माता इस बात से सहमत हैं कि प्रस्तावित मानक वैश्विक स्तर पर बेहतरीन कार्यप्रणाली के अनुरूप हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों को सुरक्षित बनाने में मदद करेंगे। मगर इनके कारण वाहनों के दाम कुछ अधिक हो जाएंगे।
ईवी निर्माताओं के संगठन – सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल (एसएमईवी) के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा कि हालांकि प्रस्तावित मानकों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानकों से लिया जा रहा है, लेकिन एक महीने से भी कम समय में सभी संशोधन करना और अतिरिक्त सुरक्षा स्तर लागू करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
ई-दोपहिया वाहनों में आग लगने की कई घटनाओं के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बैटरी के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की सिफारिश के वास्ते एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। उसकी सिफारिश के आधार पर 29 अगस्त को मंत्रालय ने ई-दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए एक संशोधन जारी किया। इनमें केंद्रीय मोटर वाहन (सीएमवीआर) नियमों के तहत लागू बैटरी सुरक्षा मानकों के पहले से मौजूद उपायों के अतिरिक्त उपाय भी शामिल हैं। नए सुरक्षा नियमों के दायरे में बैटरी सेल, ऑन-बोर्ड चार्जर, बैटरी पैक का डिजाइन और थर्मल प्रोपेगेशन सहित बैटरी प्रणाली के वे प्रमुख घटक शामिल होंगे, जिससे आंतरिक सेल का शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जिस वजह से वाहन में आग लगने का डर रहता है।
ई-तिपहिया वाहनों की निर्माता ऑल्टिग्रीन के मुख्य कार्यकारी और संस्थापक अमिताभ सरन ने कहा ‘हालांकि ये परीक्षण निश्चित रूप से सख्त हैं और इनसे संपूर्ण गुणवत्ता में सुधार करने में सहायता मिलेगी, लेकिन इन्हें लागू करने की तारीख शायद ठीक नहीं है, खास तौर पर उन निर्माताओं के लिए, जो अपनी बैटरियों को प्रमाणन के लिए देने वाले थे।
एसएमईवी के गिल का भी यही कहना है। उन्होंने कहा, ‘उन्हें बेहतरीन देशों से लिया गया है, लेकिन मसला यह है कि इतने कम वक्त में इसमें से कितना लागू किया जा सकता है।’
एक ई-दोपहिया कंपनी के एक अधिकारी ने कहा ‘कुछ चीजें अच्छी हैं, लेकिन उनमें से कुछ निर्माण के नजरिये से अव्यावहारिक लगती हैं, यह सुनिश्चित नहीं है कि इसे कैसे लागू किया जाएगा।’
ईवी निर्माताओं को बैटरी और चार्जिंग प्रौद्योगिकी प्रदाता एक्सपोनेंट एनर्जी के सह-संस्थापक अरुण विनायक कहते हैं कि यह न्यूनतम स्तर को फिर व्यवस्थित करता है तथा लोगों को आरऐंडडी में और अधिक निवेश करने तथा बेहतर गुणवत्ता वाले डिजाइन और निर्माण प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
मगर उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग को अगले तीन से चार महीनों के दौरान आपूर्ति श्रृंखला में पूरी तरह से व्यवधान का सामना करने के लिए तैयार होना पड़ेगा। विनायक ने कहा कि अनिवार्य अतिरिक्त सुरक्षा से किसी इलेक्ट्रिक वाहन की शुरुआती लागत में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। लेकिन कुल लागत के नजरिये से देखा जाए तो बैटरी ज्यादा वक्त तक चलेगी और कुल लागत को कम कर देगी।