वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि आवश्यक वृद्धि के लिए राहत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक अगले 25 सालों में विकास की रफ्तार बरकरार रखने के उपायों पर काम करेंगे, जिससे भारत विकसित अर्थव्यवस्था बन सके।
इलारा कैपिटल के कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा कि अगले 25 वर्ष भारत के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण हैं और विकास की गति बरकरार रखने के लिए काम करना होगा। इसलिए केंद्रीय बैंक और वित्त मंत्रालय वृद्धि दर बढ़ाने की राह पर काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ोतरी के लिए जो भी राहत जरूरी है, वह मुहैया कराई जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से कहा था कि वर्ष 2047 में भारत आजादी का शताब्दी समारोह विकसित राष्ट्र के रूप में मनाए, इसके लिए काम करने की जरूरत है।
पेट्रोलियम उत्पादों और कच्चे तेल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल टैक्स) को सही बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस बारे में निर्णय अचानक नहीं बल्कि उद्योग के साथ परामर्श के बाद लिया गया है। बीक्यू प्राइम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक सरकारी बीमा कंपनी के निजीकरण के लिए भी प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘अप्रत्याशित लाभ कर को अचानक लगाया गया कर कहना ठीक नहीं है क्योंकि कर की दर और इसका निर्धारण उद्योग के साथ परामर्श के साथ किया जाता है। उद्योग को भरोसे में लेने के बाद ही इसे लागू किया गया है। हमने जब इस बारे में सुझाव दिया था तो उद्योग जगत से कहा था कि हर 15 दिन में कर की दर की समीक्षा की जाएगी और हम ऐसा कर रहे हैं।’
पिछले हफ्ते की समीक्षा में केंद्र ने घरेलू कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर 13,000 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 13,300 रुपये प्रति टन कर दिया था। विमान ईंधन के निर्यात पर उपकर भी 2 रुपये लीटर से बढ़ाकर 9 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसी तरह डीजल के निर्यात पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 6 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति लीटर किया गया है। 1 जुलाई को कर की नई व्यवस्था शुरू किए जाने के बाद इसकी दर में चौथी बार संशोधन किया गया है।
बैंक और बीमा में निजीकरण के बारे में पूछे जाने पर सीतारमण ने कहा कि केंद्र भारतीय जीवन बीमा निगम का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम सफलतापूर्वक ला चुका है और अपनी घोषित योजना को पूरा करने के लिए अडिग है। उन्होंने कहा, ‘एलआईसी का आईपीओ काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि इससे कई नियामकीय चुनौतियां थीं। लेकिन हम इस पर आगे बढ़े, जो हमारे संकल्प को दर्शाता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और साधारण बीमा कंपनी के निजीकरण की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं।’ सीतारमण ने 2021 के आम बजट में दो सरकारी बैंकों और एक साधारण बीमा कंपनी के निजीकरण की घोषणा की थी। बीमा कंपनी के निजीकरण के लिए विधायी संशोधन किए जा चुके हैं और बैंक राष्ट्रीयकरण कानून में बदलाव का अभी इंतजार है।